बिहार में दूसरे चरण के चुनाव की चुनौती

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पटना। बिहार विधानसभा के 3 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। यह चरण ज्यादा चुनौतिपूर्ण है क्योंकि इसमें महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जनता दल (युनाइटेड) को अपनी सीटें सुरक्षित रखनी है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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2015 के चुनाव में इस चरण की 94 सीटों में से करीब एक तिहाई पर राजद ने जीत दर्ज की थी। इसी चरण में महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी यादव और उनके भाई तथा पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव सहित कई दिग्गजों की चुनावी किस्मत तय होनी है। उनमें से पिछले चुनाव में राजद के 33, जदयू के 30 जबकि कांग्रेस के सात विधायक जीते थे, जबकि राजग को महज 22 सीटों से संतोष करना पड़ा था।

वैसे, पिछले चुनाव से इस चुनाव में परिस्थितियां बदली हैं। इसबार के मुद्दे भी अलग हैं। पिछले चुनाव में जदयू जहां राजद और कांग्रेस के साथ चुनाव मैदान में उतरी थी जबकि राजग में भाजपा के साथ लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) और राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) थी। इस चुनाव में जदयू राजग में आ गई है जबकि लोजपा अकेले तथा रोलासपा के अलग गठबंधन के साथ है।

इस चुनाव में राजद ने 56 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं जबकि अन्य पर उनके सहयोगी चुनाव मैदान में है। इनमें से 27 सीटों पर भाजपा के साथ राजद का सीधा मुकाबला है जबकि 25 सीटों पर जदयू के साथ आमने-सामने की लड़ाई है। भाजपा ने इस चरण के चुनाव में 46 प्रत्याशी उतारे हैं जबकि उसकी सहयोगी पार्टी जदयू 43 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

इस चरण के चुनाव में ही राघोपुर और हसनपुर सीट पर भी मतदान होना है जहां से तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव चुनावी मैदान में है। इसके अलावा भी महागठबंधन के 27 विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर है।

राजद के प्रधान महासचिव आलोक कुमार मेहता उजियारपुर से राजद प्रत्याशी हैं जबकि पूर्व सांसद युवा राजद के अध्यक्ष शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल बिहपुर सीट से मैदान में हैं। पूर्व सांसद आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद शिवहर सीट से चुनाव मैदान में हैं तो पूर्व सांसद रामा सिंह की पत्नी बीना सिंह वैशाली की महनार सीट से चुनावी भाग्य आजमा रही हैं। अभिनेता और पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा का सियासी भविष्य भी इस चरण के मतदाता तय करेंगे।

बहरहाल, दूसरे चरण के मतदान को लेकर सभी दलों के नेता चुनावी मैदान में खूब पसीना बहा रहे हैं, लेकिन जदयू के बिना राजद के लिए पिछले चुनाव का जादू वापस दोहराना बड़ी चुनौती मानी जा रही है। इधर, जदयू-भाजपा 2010 की तरह इस बार वापस एक-साथ मैदान में हैं। ऐसे में दोनों पार्टियों के नेता अपने पुराने गढ़ को फिर से झटकने का प्रयास में खूब पसीना बहा रहे हैं। अब देखना होगा कि मतदाता किसे पसंद करते हैं।

 

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