सुशांत मृत्युकांड का चुनावी संदर्भ

0 808

-देवेंद्र गौतम

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

बालीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला सुर्खियों में है। बिहार और महाराष्ट्र पुलिस के टकराव के बीच मामले की जांच सीबीआई के पास आ गई है। प्रतिदिन की जांच की प्रगति की रिपोर्ट को मीडिया में जगह मिल रही है। एम्स में भर्ती गृहमंत्री अमित शाह के स्वास्थ्य बुलेटिन को मीडिया में जगह नहीं मिल रही है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि इसका सीधा संबंध बिहार विधानसभा चुनाव से हो सकता है। बिहार में फिलहाल नीतीश कुमार से लोग नाराज हैं। प्रवासी मजदूरों और कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बिहारी छात्रों की वापसी को लेकर नीतीश सरकार की नकारात्मक और भेदभावपूर्ण व्यवहार तथा कोरोना के खिलाफ जंग के मामले में उदासीनता को लेकर आक्रोश है। भाजपा के विधायकों और सांसदों के लिए जनता के बीच जाना मुश्किल हो रहा है। बिहार चुनाव मोदी सरकार के लिए भी प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। ऐसे में चुनावी रणनीति में माहिर नीतीश कुमार जातीय समीकरण साधने में लगे हैं। बिहार के राजपूत मतदाताओं का समर्थन प्राप्त करने के लिए सुशांत के परिवार के साथ नीतीश सरकार खड़ी है। पिछली बार नीतीश कुमार कांग्रेस और राजद के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़े थे। इसबार भाजपा के साथ मिलकर लड़ रहे हैं। बिहार में भाजपा का जनाधार ज्यादा नहीं है। कोई चेहरा भी उसके पास नहीं है। हार और जीत अपनी जगह है। लेकिन चुनाव प्रबंधन के मामले में भाजपा का मुकाबला कोई दल नहीं कर सकता।

अभी महागठबंधन की तसवीर साफ नहीं है लेकिन एनडीए में सीट शेयरिंग पर मंथन जारी है। कौन सा घटक दल कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा लगभग तय हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक अभी 110, 100 और 33 के फार्मूले पर बात आगे बढ़ी है। यानि जदयू 110 सीटों पर भाजपा 100 सीटों पर और लोजपा  33 सीटों पर लड़ सकती है।

तीनों दलों के नेताओं की बैठक के बाद इस फॉर्मूले का खुलासा होगा और एनडीए की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में सीट बंटवारे पर बनी सहमति का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। बिहार की सत्ता में 15 साल से काबिज जदयूबिहार में एनडीए के बड़े भाई की भूमिका में है। बिहार में राजनीतिक और सामाजिक समीकरण बदलते रहते हैं। 2015 में महागठबंधन के तहत जदयू 100, राजद 100, कांग्रेस 40 और एनसीपी के लिए 3 सीटों का फॉर्मूला तय हुआ था। लेकिन तारिक अनवर के खुद को महागठबंधन से अलग करने के बाद बनी स्थिति में तीनों दलों के पास एक-एक सीट और चली गई थी। तब जदयू ने 101 सीट पर प्रत्याशी दिए और 71 सीटों पर जीत दर्ज की।

2005 और 2010 के चुनावों की तरह, 2020 में जदयू, भाजपा के साथ है और 2020 में रामबिलास पासवान की लोजपा भी 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान से ही सम्मानजनक सीटों पर जोर दे रही है। इसबार मुख्य संघर्ष महागठबंधन और एनडीए के बीच होना तय है लेकिन महागठबंधन के वोटों को बांटने के लिए तीसरे मोर्चे की कवायद भी चल रही है। इस प्रयास में एक तरफ नीतीश के करीबी चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर लगे हैं दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा भी दोनों गठबंधनों के बाहर के दलों को एकजुट कर अलग मोर्चा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि प्रशांत किशोर एक खास रणनीति के तहत नीतीश कुमार से बगावत कर जदयू से बाहर हुए हैं। यशवंत सिन्हा भाजपा के आडवाणी गुट के होने के कारण मोदी सरकार में उपेक्षित और बागी हो चुके हैं। वे सिने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को सीएम प्रत्याशी बनाना चाहते हैं। कांग्रेस आलाकमान शत्रुघ्न सिन्हा के भरोसे महागठबंधन से बाहर रहकर अपनी ताकत आजमाएगी या महागठबंधन में शामिल होकर तेजस्वी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी अभी स्पष्ट नहीं है। सुशांत मुद्दे का नीतीश सरकार या एनडीए को कितना लाभ मिलेगा अभी यह भी नहीं कहा जा सकता। लेकिन सत्ता में बने रहने के लिए नीतीश कुमार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे इतना तय है। लालू प्रसाद अभी जेल में हैं लेकिन वे तेजस्वी के अलावा किसी अन्य को महागठबंधन का नेता स्वीकार नहीं करेंगे। चुनाव में मुश्किल से दो-तीन महीने बचे हैं। बिहार की जनता किसके माथे पर विजय का तिलक लगाएगी अभी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: