उत्तर और पूर्वी बिहार में बाढ़ का कहर

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पटना:- नेपाल में हुई औसत से 5 से 6 गुणा ज्यादा बारिश के कारण उत्तर और पूर्वी बिहार की नदियों ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। उत्तर बिहार और कोसी के कई क्षेत्रों बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। 

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

मधुबनी जिले में कमला बलान में अचानक पानी का प्रवाह इतना तेज हो गया कि इसके तटबंध भरभराने लगे।  इस नदी का बायां व दायां दोनों तटबंध आधा दर्जन स्थानों पर टूट गए। भूतही बलान नदी का भी तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है। महानंदा में उफान के कारण किशनगंज-ठाकुरगंज सड़क पर पानी चढ़ गया है। कोसी नदी का डिस्चार्ज गत वर्ष के उच्चतम स्तर को छूकर लौटने लगा है। अभी भी पांच नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कमला ने तो अब तक के उच्चतम स्तर को पार कर लिया है। 

जयनगर के तेघड़ा में कमला बलान नदी का बायां तटबंध सातवें किमी पर पहले टूटा। उसके बाद पानी का दबाव ऐसा बना कि हर पांच-सात किमी की दूरी पर यह तटबंध टूटने लगा। रविवार की शाम तक इसका तटबंध लगभग आधे दर्जन स्थानों पर टूट गया। उधर भूतही बलान नदी का दायां तटबंध भी 12वें और 13वें किमी के पास झंझारपुर के खुटौना में लगभग 70 मीटर की लंबाई में क्षतिग्रस्त हो गया। दरभंगा प्रमंडल में सीएम कॉलेज के पीछे पुरानी सुरक्षा दीवार में दरार पड़ गई।  

दोपहर के बाद नदियों के जलस्तर में थोड़ी कमी आई। बावजूद कमला बलान, बागमती, लालबकेया, अधवारा और महानंदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बागमती का जलस्तर ढेंग में पौने दो मीटर नीचे उतरा लेकिन अब भी यह लाल निशान से 1.10 मीटर ऊपर है। हायाघाट छोड़कर राज्य के सभी दूसरे स्थानों पर यह अब भी लाल निशान से ऊपर है। कमला बलान झंझारपुर रेल पुल के पास 15 सेमी की वृद्धि होने के साथ लाल निशान से पौने तीन मीटर ऊपर बह रही है। महानंदा का जलस्तर पूर्णिया व कटिहार जिले में ऊपर चढ़ा है। 

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र 
– 09 जिले हैं प्रभावित
– 55 प्रखंड हैं बाढ़ प्रभावित
– 17.96 लाख लोग हैं प्रभावित
– 152 राहत शिविर चल रहे हैं
– 45 हजार लोग रह रहे हैं शिविरों में 
– 251 सामुदायिक रसोई चल रही हैं
आपदा प्रबंधन ने जारी किए कंट्रोल रूम राज्य आपातकालीन केंद्र के नंबर
0612- 2294204/05/10

आ रहीं एनडीआरएफ की टीमें
राज्य में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देख केन्द्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की पांच अतिरिक्त टीमें मांगी गई हैं। वाराणसी से पांचों टीम रविवार को बिहार के लिए चल चुकी हैं। सोमवार को उन्हें बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजा जाएगा। एनडीआरएफ की 14 टीमें पहले से राज्य में लगी हुई हैं।

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