नीतीश का कार्यकाल बिहार का स्वर्णिम काल : भारती सत्येंद्र

0 151

बख्तियारपुर / पटना। बिहार के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इलाके के लोग उन्हें सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री और उनके शासन काल को बिहार का स्वर्णिम काल मानते हैं। पटना जिलांतर्गत बख्तियारपुर प्रखंड के करनौती ग्राम निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भारती सत्येंद्र देव का दावा है कि नीतीश कुमार कार्यकाल में बिहार में विकास की बयार तेज हुई है। राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रति वे कृतसंकल्पित रहे हैं। इसीलिए उन्हें विकास पुरुष भी कहा जाता है। श्री भारती ने बातचीत के क्रम में कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार में विकास का जितना काम हुआ है, उतना कभी नहीं हुआ। उनका कार्यकाल बिहार का स्वर्णिम काल रहा है। सूबे की सामाजिक समरसता बनाए रखने के प्रति उनकी सोच और समझ एक अद्भुत मिसाल है। जनहित में कल्याणकारी योजनाओं को सरजमीं पर उतारने के लिए नौकरशाही को चुस्त-दुरुस्त रखने में नीतीश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री भारती ने कहा कि बेपटरी हुए राज्य को पटरी पर लाने के लिए दूरदर्शिता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ठोस पहल की, नतीजतन बिहार में विकास की रफ्तार तेज हुई।
बिहार में शराबबंदी लागू करने, दहेज प्रथा पर रोक लगाने, भ्रष्ट अधिकारियों की नकेल कसने में नीतीश कुमार द्वारा उठाए गए कदमों का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में नेशनल थर्मल पावर प्लांट (एनटीपीसी,बाढ़) की स्थापना, राजगीर में आयुध कारखाना, नालंदा जिलांतर्गत हरनौत में रेल कोच मरम्मत व निर्माण कारखाना, नालंदा जिलांतर्गत पावापुरी स्थित नानंद गांव में सैनिक स्कूल की स्थापना सहित कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को धरातल पर उतारने में नीतीश कुमार सफल रहे हैं। राज्य में उद्यमियों और निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए उनकी नीतियों की चहुंओर सराहना हो रही है। युवाओं, महिलाओं, किसान-मजदूरों के कल्याणार्थ विशेष रूप से योजनाओं को अमली जामा पहनाने के लिए नीतीश कुमार सतत प्रयासरत हैं। उनके कार्यकाल में सभी वर्गों के लोगों के हितों की रक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि स्कूली छात्राओं के बीच साईकल वितरण, प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ, नये मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना सहित मेडिकल, इंजीनियरिंग छात्रों के लिए सीटों की संख्या में वृद्वि,नालंदा स्थित ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय के जीर्णोद्धार कर वहां फिर से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कराना आदि कार्य नीतीश सरकार की उत्कृष्ट उपलब्धि मानी जा रही है। बख्तियारपुर-राजगीर के बीच कभी एक रेलगाड़ी (अप-डाउन) का परिचालन हुआ करता था। वहीं,अब देश के विभिन्न जगहों के लिए इस मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक ट्रेन का परिचालन हो रहा है। यह नीतीश कुमार के प्रयासों का ही प्रतिफल है। श्री भारती ने कहा कि बिहार के विकास प्रति नीतीश कुमार का समर्पण सराहनीय ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय भी है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: