ब्यूरोक्रेसी की कार्यशैली और लालफीताशाही पर बिफरे व्यवसायी

उद्यमियों-व्यापारियों के हितों का संरक्षण जरूरी : चेंबर

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एफजेसीसीआई का राज्यस्तरीय सम्मेलन

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

रांची। व्यापारी व उद्यमियों के टैक्स से ही सरकारी कार्य संपादित होते हैं। लेकिन करदाताओं की समस्याओं पर सरकार और ब्यूरोकेसी की उदासीनता चिंतनीय है। राज्य में स्थापित कई उद्योग बंद हैं। कुछ बंदी के कगार पर हैं। राज्य सरकार द्वारा इन्हें सहयोग करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है । उक्त बातें आज फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के नेतृत्व में आयोजित राज्यस्तरीय सम्मेलन में व्यवसायियों न कही। विदित हो कि व्यापारियों की समस्याओं पर सरकार के साथ जारी संवादहीनता की स्थिति को लेकर फेडरेशन चैंबर द्वारा सभी सम्बद्ध संस्थाओं और सभी जिलों के चैंबर ऑफ कॉमर्स की संयुक्त बैठक स्टेशन रोड अवस्थित होटल ग्रीन होराईजन में आयोजित की गई थी। व्यवसायियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 26 नई व्यापारिक नीतियां लाई गई, लेकिन किसी भी नीति के तहत कोई प्रोजेक्ट्स नहीं आये। सरकार प्रदेश में पूर्व से स्थापित व्यापारियों व उद्यमियों के विकास और उनके व्यापार के विस्तार के लिए कभी भी चिंतित नहीं रही। जिससे झारखंड के व्यापारियों में निराशा है। सदस्य अजय भंडारी ने कहा कि जब झारखंड बना तब काफी आशाएं . अपेक्षाएं . उम्मीदें थीं , पर आज व्यापारी वर्ग ठगा हुआ महसूस करने लगा है। व्यापारियों से संबंधित नीतियों के निर्धारण में या तो हमारी सहभागिता नगण्य कर दी जाती है, या हमारी सहभागिता से बनी हुई नीतियों का क्रियान्वयन शिथिल कर दिया जाता है । क्या छोटा , क्या मध्यम और क्या बड़ा व्यापारी सभी त्रस्त हैं । विभिन्न सरकारें समय – समय पर जो मर्जी दावे करती रहें , वस्तुस्थिति यह है कि झारखंड में निवेश करने से बाहर के उद्यमी परहेज करते हैं।जबकि झारखण्ड के साथ ही नवगठित उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में परिस्थितियां व्यापार के लिए काफी अनुकूल हैं।

निवर्तमान अध्यक्ष दीपक मारू ने कहा कि यह चिंतनीय है कि प्रदेश में उद्यमियों की विशाल संख्या होने के बाद भी झारखण्ड के उद्यमी यहां उद्योग नहीं लगा पा रहे हैं । सिंगल विंडो सिस्टम की अप्रभावी व्यवस्था और विभागीय अधिकारियों की अव्यवहारिक मंशा के कारण अच्छी नीतियों का धरातल पर लागू नहीं होने से श्रमिकों के साथ – साथ राज्य से इन्वेस्टर भी पलायन करने लगे हैं।
महासचिव धीरज तनेजा ने कहा कि झारखंड में कार्यपालिका असंवेदनशील हो गई है और विधायिका बेपरवाह। सम्मेलन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अपना व्यापार बचाने और आनेवाली पीढ़ी के लिए परिस्थितियों को सुगम बनाने के लिए एकजुट होकर असंवेदनशील प्रतिनिधियों को वोट के माध्यम से हटाया जाय और दलगत भावना से ऊपर उठकर कर्मठ जनप्रतिनिधियों को विधानसभा में पहुंचाया जाय।
चैंबर अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि राज्य का व्यापारिक विकास हो और व्यापारी समुदाय मजबूत हो , इस उद्देश्य से चैंबर ग्रामीण स्तर पर शाखाएं खोलेगा। प्रदेश के व्यवसायी सरकार की अनावश्यक नीतियों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि हम व्यापारी , किसान , मजदूर व झारखंडवासियों की सरकार बनायेंगे । हमारा जनप्रतिनिधि ऐसा हो , जो तंत्र को स्वच्छ कर सके और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा सके।

यह भी कहा कि कोई भी सरकार व्यवसायियों को नजरअंदाज करके राज्य को प्रगति पर नहीं ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान हम किसी भी राजनीतिक दल के पास जाकर अपने एजेंडे नहीं रखेंगे । राजनीतिक दल के प्रत्याशी , हमारे पास आयेंगे , तब हम उन्हें अपना एजेंडा सौंपेंगे । जो भी राजनीतिक दल हमारा एजेंडा अपने घोषणा पत्र में रखेगा , हम उन्हीं को समर्थन देंगे । यह भी कहा कि आज व्यवसायी इतने त्रस्त हैं कि वे स्वयं भी चुनाव में बतौर प्रत्याशी उतरने को विवश हैं। पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि केंद्र / राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों का अनुपालन मूलरूप से नहीं किया जाता , जिस कारण व्यापारियों को परेशानी होती है । सिंगल विंडो सिस्टम का अप्रभावी होना , औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति दयनीय होना , निर्बाध विद्युत आपूर्ति नहीं होने जैसी कई समस्याओं से राज्य के व्यापारी पीड़ित हैं।

पूर्व अध्यक्ष आरके सरावगी ने कहा कि सारी व्यवस्था वोट बैंक के आधार पर निर्धारित है। व्यापारी वोट बैंक नहीं हैं , इसलिए हमारी आवाज नहीं सुनी जाती। ऐसे में हमें एकजुट होकर वोट बैंक बनना होगा। रामगढ के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2018 तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने की बात कही थी, लेकिन स्थिति यथावत है । जमशेदपुर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संदीप मुरारका ने कहा कि राज्य में बाहरी निवेशकों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया जा रहा है ,जबकि राज्य में बंद पड़ी या बंदी के कगार पर इकाईयों को सरकार द्वारा प्रोत्साहित करना चाहिए। डाल्टनगंज के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रंजीत मिश्रा ने कहा कि कई वर्षों के बाद खासमहल भूमि को फ्रीहोल्ड करने का निर्णय लिया गया, लेकिन इसकी प्रक्रिया काफी जटिल है , जिसे सरल करने पर ध्यान देना चाहिए। गुमला चैबर के अध्यक्ष हिमांशु केसरी ने कहा कि सरकार के कई प्रयासों के बाद भी राज्य में पावरकट की समस्या जारी है। जमशेदपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के मोहनलाल अग्रवाल ने कहा कि राज्य के विकास में आर्थिक योगदान देने के बाद भी व्यापारियों को जमाखोर मुनाफाखोर जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता है। जमशेदपुर चैंबर के अध्यक्ष आलोक चौधरी ने कहा कि विभागीय अकर्मण्यता के कारण आज टाटा शहर की सूरत बिगडती जा रही है।

पूर्व अध्यक्ष अंचल किंगर ने कहा कि आज निगम में नक्शा पास कराना टेढी खीर है। व्यवसायी विष्णु अग्रवाल ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी की मनमानी के कारण व्यापारी वर्ग अधिक पीड़ित है । पूर्व अध्यक्ष अरूण बुधिया ने कहा कि परिवहन विभाग में व्याप्त अनियमितता और विभाग की अव्यावहारिक नीतियों के कारण परिवहन व्यवसाय मृतप्राय हो गया है। ऐसे समय में यदि व्यवसायी वर्ग स्वयं आगे नहीं आता है तब हमारी पीढी गुलाम हो जायेगी। बैठक में पश्चिमी सिंहभूम , जमशेदपुर चैंबर , गुमला चैंबर , लोहरदगा चैंबर , चतरा चैंबर , सिमडेगा चैंबर , जामताडा चैंबर , पलामू चैंबर , रामगढ चैंबर , जेसिया , क्रेडाई , बिल्डर एसोसियेशन , दुमका चैंबर , महागामा चैंबर , जैनामोड चैंबर , बोकारो चैंबर , संथाल परगना चैंबर , देवघर चैंबर , साहिबगंज चैंबर , चाईबासा चैंबर , गोड्डा चैंबर , खूटी चैंबर , चिरकुंडा चैंबर , धनबाद जिला चैंबर , सरायकेला – खरसावां चैंबर , जिटबा के अलावा कई सम्बद्ध संस्थाओं के अधिकारियों उपस्थित थे। बैठक में चैंबर अध्यक्ष कुणाल अजमानी , महासचिव धीरज तनेजा , उपाध्यक्ष राम बांगड , प्रवीण छाबडा , सह सचिव मुकेश अग्रवाल , विकास विजयवर्गीय , कोषाध्यक्ष मनीष सर्राफ , कार्यकारिणी सदस्य राहुल साबू , पूजा ढाढा , रोहित अग्रवाल , नवजोत अलंग , किशोर मंत्री , अनिल अग्रवाल , सुमित जैन , अश्विनी रजगढिया . पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा , विष्णु बुधिया , आरके सरावगी , अरूण बुधिया , दीपक मारू , अंचल किंगर , मनोज नरेडी , सदस्य संजय अखौरी , अंजय सरावगी , विष्णु अग्रवाल , प्रदीप जैन , फिलिप मैथ्यू , अंजय पचेरिवाल , कुमुद झा , निरंजन शर्मा , मोहनलाल अग्रवाल , आलोक चौधरी , बिमल बुधिया , प्रीतम गाडिया , नीतिन सर्राफ , आनंद जालान , शंभू चूडिवाला , अनिल जाजान , विकम खेतावत , बिनोद तुलस्यान सहित काफी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।

बाॅक्स :
चेंबर की ओर से रांची विस सीट से पवन शर्मा प्रत्याशी घोषित
फेडरेशन आॅफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से विधानसभा चुनाव में रांची व गोड्डा सीट पर प्रत्याशी उतारने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। रांची से पवन शर्मा व गोड्डा सीट से प्रीतम गढ़िया को चुनाव में व्यवसायियों की ओर से उम्मीदवार बनाया गया है। इस संबंध में श्री शर्मा ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी की मनमानी और राजनीतिक दलों की उपेक्षा से त्रस्त होकर व्यवसाय जगत की शीर्ष संस्था ने चुनाव में अपनी ओर से प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है। यह पूछे जाने पर कि कौन से दल के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे? उन्होंने खुलासा नहीं किया। कहा कि जल्द ही सब कुछ सामने आएगा।

1 Comment
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