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कैलाश सत्यार्थी नए शब्‍दों से अपनी कविताओं की रचना करते हैं: लीलाधर जगूड़ी

नई दिल्ली। बच्‍चों के लिए नोबेल शांति पुरस्‍कार प्राप्ति की छठी वर्षगांठ के अवसर पर श्री कैलाश सत्‍यार्थी के नए कविता संग्रह ‘‘चलो हवाओं का रुख मोड़ें’’ के आवरण पृष्‍ठ का ऑनलाइन लोकार्पण किया गया। वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित कविता संग्रह…

‘‘कोविड-19: सभ्‍यता का संकट और समाधान’’ एक महत्वपूर्ण पुस्तकः पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा

नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित जानेमाने बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्‍यार्थी की पुस्‍तक ‘‘कोविड-19: सभ्‍यता का संकट और समाधान’’ का लोकार्पण भारत के पूर्व मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति श्री दीपक मिश्रा ने किया। राज्‍यसभा के…

रावण जैसी शक्तियां किसी नेता को मिल जाए तो..

-देवेंद्र गौतम प्रायः देखा गया है कि लोकतंत्र में जिस किसी नेता या दल को चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिल जाता है वह मनमानी पर उतर आता है। तुरंत एडोल्फ हिटलर बनने का प्रयास शुरू कर देता है। जनादेश भले पांच साल के लिए मिला हो लेकिन वह समझता है…

ग़ज़लः बादलों की ओट से बाहर निकलता क्यों नहीं

बादलों की ओट से बाहर निकलता क्यों नहीं. वो अगर सूरज है तो करवट बदलता क्यों नहीं. रास्ता फिसलन भरा है तो बदलता क्यों नहीं ठोकरें खाता है तो खाकर संभलता क्यों नहीं. क्यों हवा में बेसबब तलवारबाजी कर रहा है…

व्यंग्यःभक्तों और निंदकों की डिजिटल जंग

-देवेंद्र गौतम एक आदर्श भक्त हमेशा अंधा होता है। जो अंधा न हों वह भक्त हो ही नहीं सकता। आंखवाले तो सिर्फ नकारात्मकता देखते हैं। वे पौराणिक काल के देवताओं के की भी गलतियां ढूढ लेते हैं और उनपर टीका-टिप्पणी कर बैठते हैं लेकिन अंधभक्तों को…

मौत की जद में हर शहर दिखाई देता है

मंगलवार 5 मई 2020 को महिला काव्य मंच (रजि) की दक्षिण प्रांतीय इकाइयों ; तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु का दक्षिण भारतीय डिजिटल काव्य सम्मेलन,तमिलनाडु इकाई की उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राय जी के संचालन में शाम 3:00 से 5:00 तक अत्यंत सौहार्दपूर्ण…

देवेंद्र फड़नवीस की पत्नी ने कोरोना योद्धाओं के सम्मान में गाया गीत

* वैश्विक महामारी के खिलाफ जंग में जुटे लोगों का हो रहा उत्साहवर्धन रांची / इंदौर। बहुमुखी प्रतिभा की धनी बैंकर, गायक, सामाजिक कार्यकर्ता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फड़णवीस अब हमारे बहादुर कोरोना योद्धाओं को 'तू…

नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की कविता

(नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित विश्व प्रसिद्ध बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्‍यार्थी लॉकडाउन से बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूरों और उनके बच्चों को लेकर चिंतित हैं। उनकी मदद के लिए व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास के साथ-साथ वे इसके लिए लगातार…

कविताः लहूलुहान इंद्रधनुष

(नोबेल शांति पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी दिल्ली में हुए साम्प्रदायिक दंगों से आहत हैं। इस वजह से उन्होंने होली न मनाने का फैसला किया है। इस पर उन्होंने अपने भाव व्यक्त करते हुए एक कविता लिखी है। प्रस्तुत है उनकी कविता...) हर साल…

भोजपुरी उपन्यास गंगा रतन विदेसी के हिंदी संस्करण का लोकार्पण

कोलकाता।आइपीएस अधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह के भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित भोजपुरी उपन्यास गंगा रतन विदेसी का हिंदी संस्करण प्रकाशित हो चुका है। उसका विधिवत लोकार्पण कोलकाता पुस्तक मेला में हुआ। उपन्यास का अनुवाद स्वयं मृत्युंजय कुमार…