साइलेंट किलर है हाई ब्लड प्रेशर : डॉ.राजीव रंजन सिंह

* संतुलित आहार और तनावमुक्त जीवनशैली से नियंत्रित रहता है बीपी

0 219

रांची: हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर जीवनशैली की गड़बड़ी और अत्यधिक तनाव के कारण होता है। मरीज अपनी जीवनशैली में बदलाव तथा दबावमुक्त रहकर इस पर काबू पा सकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर सिर्फ इसलिए कहा जाता है कि आप जांच न कराये, बी.पी. चेक न करायेंगे तो आपको एकाएक इसका परिणाम हार्ट अटैक, स्ट्रोक और गुर्दा रोग के रूप में सामने आएगा। इसलिए अत्यधिक नमक का सेवन न करें, मोटापा न चढ़ने दें। तम्बाकू, अल्कोहल तथा तनाव से परहेज कर इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। इसके अलावा बी.पी. की दवा समय से लेते रहें तथा बी.पी. की माप करवाते रहें।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

उक्त बातें पारस एच.ई.सी. हाॅस्पिटल, रांची के चीफ मेडिकल ऑफिसर डाॅ. राजीव रंजन सिंह ने लोगों को जागरूक करने के लिए कही। उन्होंने कहा कि यह बीमारी महिला या पुरुष दोनों को समान रूप से प्रभावित करता है। इस बीमारी में सिर दर्द, सांस लेने में तकलीफ के अलावा चक्कर आना, नाक से खून गिर सकता है। बिना कोई लक्षण दिखाए ही यह शरीर के अन्य अंगो को भी प्रभावित करती है। जिससे मानव के जीवन पर संकट आ जाता है। जब हृदय को खून और ऑक्सीजन देने वाली आर्टरी खराब हो जाती है या बंद हो जाती है, तो हार्ट अटैक का दौरा पड़ता है। जब मस्तिष्क में भी इस तरह की स्थिति आती है तो स्ट्रोक होता है। रक्तस्राव भी हो सकता है। इस संबंध में जागरूकता के लिए हाॅस्पिटल के रिजनल डायरेक्टर डाॅ. तलत हलीम ने कहा कि बिहार-झारखंड के लोगों की अच्छी सेहत के लिए उन्हें उस बीमारी के प्रति जागरूक करते हैं। ताकि वे इस बीमारी से बचे रहें। उन्होंने कहा कि अब लोग स्वस्थ्य के प्रति काफी सतर्क और सचेत रहते हैं। इसलिए हम बीमारियों से बचाव की हर जानकारी उनके साथ साझा करते हैं। ब्लड प्रेशर के मरीज अगर अपनी दिनचर्चा और जीवनशैली में सुधार लाएंगे तो वे इसके घातक परिणाम से बच सकते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: