भक्त बताते रहे महंगाई के लाभ, वोटरों ने भाजपा को सिखाया सबक

लोकसभा की तीन में से दो सीटें हारी भाजपा

0 62

नई दिल्ली। मोदी सरकार बढ़ती महंगाई पर लगाम नहीं लगा पा रही है।  उनके भक्त जनता को यह समझाने में लगे हैं कि महंगाई राष्ट्रहित में है और इसे बर्दास्त करनी चाहिए। लेकिन आम जनता उनके तर्कों से सहमत नहीं है इसीलिए उपचुनावों में भाजपा को कई प्रदेशों में झटका लगा। भाजपा के लिए उपचुनावों के नतीजे कहीं से उत्साहवर्धक नहीं हैं। जबकि कांग्रेस को उसकी उम्मीद से ज्यादा सफलता मिली है। 29 विधानसभा और तीन लोकसभा सीटों के नतीजे भाजपा के लिए चिंतित करने वाले रहे। 2022 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियों ने उपचुनाव में अपने-अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

हिमाचल प्रदेश में जहां भाजपा की सरकार है, वहां के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने उम्मीदवारों को जिताने में नाकाम साबित हुए। हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार ब्रिगेडियर कुशाल चंद ठाकुर को कांग्रेस की प्रतिभा सिंह ने हरा दिया है। प्रदेश की तीन विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस को जीत मिली है। कांग्रेस इसे अपने लिए अच्छा संकेत मान रही है। तीन लोकसभा सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा एक पर ही बढ़त बनाए हुए है। बाकी दो सीट पर उसकी हार हुई है।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि लोकसभा उपचुनावों में बीजेपी कुल 3 में से 2 सीट हारी है। विधानसभा चुनावों में भी जहां कांग्रेस-भाजपा की सीधी टक्कर है वहां भाजपा हारी है। हिमाचल, राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र इसके सबूत हैं।

उपचुनावों के रोचक नतीजों ने एक बात तो साफ कर दिया है कि 2022 के विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं। वीरभद्र सिंह के गुजरने के बाद उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह ने मंडी सीट से चुनाव लड़ा और जीत गईं। जबकि वह सीट भाजपा की जीती हुई थी। उनके मौजूदा सांसद की मौत के बाद उपचुनाव हुए और कांग्रेस ने बाजी मारी। यही नहीं बल्कि प्रतिभा सिंह ने भाजपा के उम्मीदवार और करगिल वार के हीरो कुशाल चंद ठाकुर को हराया।

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बता दिया कि वो आज भी मजबूत स्थिति में हैं। तृणमूल कांग्रेस के लिए अच्छी खबर रही कि उसने चारों सीट जीत ली। सीपीएम और बीजेपी दूसरे और तीसरे स्थान के लिए लड़ी। ममता ने अपना वर्चस्व कायम रखा है।

बिहार में दो विधानसभा क्षेत्रों पर उपचुनाव हुए। मंगलवार को मतगणना हुई। कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र पर सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की ओर से जेडीयू ने एक बार फिर से कब्जा जमा लिया जबकि तारापुर में आरजेडी को शुरुआती बढ़त के बाद हार का सामना करना पड़ा।

असम की पांच सीटों में से बीजेपी ने उन तीनों सीटों पर जीत हासिल की है जहां उसने अपने उम्मीदवार उतारे थे। गठबंधन की सहयोगी यूपीपीएल को मिली दो सीटों पर वह आगे है। वहीं मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व फुटबॉलर यूजीनसन लिंगडोह ने जीत हासिल की है। बीजेपी की सहयोगी एनपीपी (नेशनल पीपुल्स पार्टी) ने राजबाला सीट जीती है और एक अन्य सीट पर आगे है। मिजोरम में तुइरियाल सीट पर एमएनएफ ने जीत दर्ज की है।

राजस्थान में कांग्रेस ने वल्लभनगर और धरियावद सीट पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने बीजेपी के गढ़ कहे जाने वाले धरियावद पर अपना परचम लहराया है। दक्षिणी राज्य कर्नाटक से भी बीजेपी के लिए अच्छी खबर नहीं आई है। वहां दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव को नए मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई की अग्निपरीक्षा के तौर पर देखा गया। एक सीट पर कांग्रेस और एक सीट बीजेपी जीती। वहां हंगल और सिंदगी सीट पर चुनाव हुए थे। बीजेपी ने कुछ समय पहले वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाकर बोम्मई को राज्य का जिम्मा सौंपा था।

बीजेपी को सबसे बड़ा झटका कर्नाटक की हंगल सीट में लगा है। यह मुख्यमंत्री बोम्मई के गृह जिले हावेरी का हिस्सा है। उसके पड़ोस का विधानसभा क्षेत्र येदियुरप्पा का क्षेत्र है। यहां उसकी धुर विरोधी कांग्रेस ने बीजेपी के उम्मीदवार को सात हजार वोटों से भी ज्यादा के मार्जिन से हराया है। कांग्रेस के लिए यह एक बड़ी जीत कही जा सकती है, क्योंकि उसी की सरकार को अपदस्थ कर के बीजेपी ने जोड़तोड़ वाली सरकार बनाई थी। अब येदियुरप्पा सीएम नहीं रहे और बोम्मई को अपने ही जिले में हार मिली है।

 

बाक्स

महंगाई के कारण लगा झटका

दिवाली से पहले 13 राज्यों के विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने जरूर बीजेपी को चिंता में डाल दिया है। देश में कोविड काल के बाद से बेरोजगारी, महंगाई, हर रोज पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम समेत कई ऐसे मुद्दे हैं जिनसे जनता त्रस्त है। दूसरी ओर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के किसान पिछले 11 महीने से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल में पार्टी की हार का कारण महंगाई बताया है। उन्होंने कहा है बढ़ती महंगाई के कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है.

इन नतीजों का स्पष्ट संकेत है कि बीजेपी के कांग्रेस मुक्त नारे के बावजूद कई राज्यों में कांग्रेस ही बीजेपी के रास्ते की रोड़ा बनेगी। हालांकि बीजेपी के लिए मध्य प्रदेश से राहत वाले नतीजे आए। उसने दो विधानसभा और एक लोकसभा की सीट जीती है। प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने जीत पर जनता आभार जताया है।

असम में पांच, पश्चिम बंगाल में चार, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मेघालय में तीन-तीन, बिहार, कर्नाटक और राजस्थान में दो-दो और आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना में एक-एक विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हुए थे। वहीं लोकसभा की दादर और नगर हवेली, हिमाचल प्रदेश की मंडी और मध्य प्रदेश की खंडवा सीट के लिए उपचुनाव हुए थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: