शिक्षा क्षेत्र की कोरोना वॉरियर अरुणा चौहान सम्मानित

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रायपुर। कोरोनाकाल में डाक्टरों, नर्सों, चिकित्साकर्मियों, पुलिसकर्मियों की तरह शिक्षकों ने भी बच्चों की शिक्षा जारी रखने के लिए स्वेच्छा से अनवरत ऑनलाइन कक्षाएं ली हैं। ऐसी ही शिक्षिका सह हिंदी की जानी मानी कवयित्री अरुणा चौहान ने गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, कोटा (एसएसए), रायपुर के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने में स्वैच्छिक रूप से भागीदारी निभाई। उनके विशिष्ठ योगदान के लिए छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है। इसे विभाग के प्रमुख सचिव डा.आलोक शुक्ला और लोक शिक्षण प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा के संचालक जितेंद्र शुक्ला के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। अरुणा जी को यह प्रशस्ति पत्र 9 सितंबर को प्रदान किया गया। कई शिक्षाविदों और साहित्यकारों ने उन्हें इसके लिए बधाई दी है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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