प. बंगाल सहित पांच राज्यों के चुनावों का शंखनाद

मुख्य चुनाव आयुक्त ने की चुनाव तिथियों की घोषणा, 27 मार्च से 2 मई तक चलेगी चुनाव प्रक्रिया

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बंगाल में 8, असम में तीन और अन्य राज्यों में एक चरण में चुनाव

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

नयी दिल्ली। इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं। प. बंगाल सहित पांच राज्यों के चुनावों की घोषणा हो गई। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए चुनाव की तिथियों की घोषणा कर दी। इसके साथ ही पाचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त की घोषणा के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होंगे। असम में तीन चरणों में जबकि केरल, पुडुचेरी व तमिलनाडु में एक-एक चरण में विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे। मतदान से लेकर परिणाम तक की पूरी प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू होकर 2 मई तक चलेगी। 2 मई को पांचों राज्यों के नतीजे आ जाएंगे। निष्पक्ष शांतिपूर्ण और चुनाव के दौरान सुरक्षा का व्यापक बंदोबस्त किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

प. बंगाल में पहला चरण- 27 मार्च को, दूसरा- 1 अप्रैल, तीसरा- 6 अप्रैल, चौथा- 10 अप्रैल, पांचवां 17 अप्रैल, छठा चरण-22 अप्रैल, सातवां चरण- 26 अप्रैल और  आठवें चरण का मतदान- 29 अप्रैल को होगा। असम में प्रथम चरण का मतदान- 27 मार्च, दूसरे चरण का मतदान- 1 अप्रैल और तीसरे चरण का मतदान -6 अप्रैल को होगा। केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 6 अप्रैल को मतदान होंगे। सभी राज्यों में 2 मई को मतगणना होगी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि चुनाव में कोरोना का ध्यान रखा जाएगा। पांच राज्यों में कुल 824 विधानसभा क्षेत्र आते हैं जहां कुल 18.68 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। कुल 2.7 लाख मतदान केंद्र होंगे। कोरोना के कारण मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया है। सभी चुनावी अधिकारियों का अनिवार्य रूप से कोरोना टीकाकरण होगा। चुनाव के दौरान पर्याप्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी। सभी महत्वपूर्ण, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान की जा चुकी है। वहां पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की जाएगी। कोरोना को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के अनुसार केरल में पहले 21,498 चुनाव केंद्र थे, अब यहां चुनाव केंद्रों की संख्या 40,771 होगी। पश्चिम बंगाल में 2016 में 77,413 चुनाव केंद्र थे अब 1,01,916 चुनाव केंद्र होंगे। असम में 2016 विधानसभा चुनाव में 24,890 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 33,530 होगी। तमिलनाडु में 2016 विधानसभा चुनाव में 66,007 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 88,936 होगी।

प. बंगाल में अभी तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। 2016 के चुनाव में टीएमसी को 211 सीटें मिली थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 42 में से 18 सीटें जीती थीं। इसलिए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पूरा जोर लगा दिया है। इस बार का चुनाव टीएमसी बनाम भाजपा हो गया है। यहां कांग्रेस, वामदलों और इंडियन सेकुलर फ्रंट के बीच गठबंधन तय है। गठबंधन की तरफ से इंडियन सेकुलर फ्रंट को 30 सीटें दी गई हैं। चुनाव तिथियों की घोषणा के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो गई हैं।

 

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