अब बुलंदशहर में दो साधुओं की हत्या

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बुलंदशहर। लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की मॉब लिंचिंग के बाद अब योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के  बुलंदशहर के एक शिव मंदिर में दो साधुओं की धारदार हथियार से काटकर नृशंस हत्या की खबर मिल रही है। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। इस घटना से ग्रामीणों में रोष है। मौके पर पुलिस बल तैनात है। मामले का अनुसंधान जारी है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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घटना के संबंध में मीडिया की सूचनाओं के मुताबिक बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली के गांव पगोना में स्थित शिव मंदिर में पिछले करीब 10 वर्षों से 55 वर्षीय साधु जगनदास और 35 वर्षीय  सेवादास रहते थे। मंदिर की देखरेख करते थे और पूजा-अर्चना में लीन रहते थे। गांव के लोगों की उनके प्रति अपार श्रद्धा थी। 27 अप्रैल की देर रात मंदिर परिसर में ही दोनों साधुओं की धारदार हथियारों से मारकर हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर में पहुंचे तो उन्होंने दोनो साधुओं के खून से लथपथ मृत शरीर देखे। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। देखते-देखते वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

ग्रामीणों ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अनूपशहर के सर्किल ऑफिसर अतुल चौबे, थाना प्रभारी मिथिलेश उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अभी घटना के पीछे कारण का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने एक युवक पर शक जताया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पिछले 17 अप्रैल को महाराष्ट्र के पालघर में दो साधु और एक ड्राइवर की करीब 200 लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इको वैन में बैठे दोनों साधु और उनके ड्राइवर को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया था और फिर उनकी पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके 10 दिनों बाद बुलंदशहर में साधुओं की रहस्यमय तरीके से हत्या हुई।

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