तकनीकी दिक्कतों की वजह से रुका मिशन चंद्रयान-2, जल्द होगा नई तारीख का ऐलान

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पटना :- भारत का चांद पर पहुंचने का सपना फिलहाल कुछ समय के लिए टल गया है। दरअसल, चांद पर जाने वाला मिशन चंद्रयान -2 लॉन्चिंग के ठीक एक घंटे पहले रोक दिया गया। लॉन्चिंग सिस्टम में तकनीकी दिक्कत के कारण इसरो ने प्रक्षेपण को स्थगित कर दिया। इसरो ने अपने जारी बयान बताया कि लॉन्चिंग की नई तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी। रविवार तड़के 2.51 पर होने वाली इस लॉन्चिंग की गिनती को मध्य रात्रि 1.55 पर रोक दी गई। हालांकि लॉन्चिंग रोकने पर भारतीय स्पेस एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि से पहले काफी भ्रम की स्थिति बनी रही। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग देखने के लिए श्री हरिकोटा में ही थे। 
इसरो ने जारी किया बयान

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

इसरो ने बयान जारी कर कहा, ‘लॉन्चिंग से करीब 1 घंटे पहले लॉन्च वीइकल सिस्टम में एक तकनीकी दिक्कत का पता चला। ऐहतियातन हमने आज लॉन्च होने वाले चंद्रयान-2 मिशन को यहीं रोकने का फैसला किया है। लॉन्चिंग की नई तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

लॉन्चिंग के नए तारीख की घोषणा बाद में 
इसरो के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘तकनीकी खामी की वजह से लॉन्चिंग को टाला जाता है। लॉन्चिंग विंडो के अंदर लॉन्च करना संभव नहीं है। लॉन्चिंग की नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।’ अंतरिक्ष एजेंसी ने इससे पहले लॉन्चिंग की तारीख जनवरी के पहले हफ्ते में रखी थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर 15 जुलाई कर दिया था। 

चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पर पूरे देश की नजरें थीं और इसके सफल होने के साथ ही भारत के अंतरिक्ष अभियान के इतिहास में एक स्वर्णिम पन्ना जुड़ जाता। इस मिशन के साथ भारत चांद पर पहुंचने वाला दुनिया का चौथा देश हो जाता। हालांकि अब इसके लिए कुछ और इंतजार करना पड़ेगा। 
सबसे शक्तिशाली रॉकेट से होनी थी लॉन्चिंग 
अब तक के सबसे शक्तिशाली लॉन्चिंग यान जीएसएलवी मार्क-।।।-एम-1 रॉकेट के साथ 978 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग होने की स्थिति में इसे चंद्रमा तक पहुंचने में 54 दिन लगते। पिछले हफ्ते लॉन्चिंग से जुड़े पूर्ण अभ्यास के बाद रविवार सुबह 6.51 बजे इसके लॉन्चिंग की उल्टी गिनती शुरू हुई थी। कई वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने कहा है कि लॉन्चिंग टलने से थोड़ी निराशा जरूर हुई है, लेकिन समय रहते तकनीकी खामी का पता चल जाना एक अच्छी बात है। उन्होंने नई तारीख की जल्द घोषणा होने की उम्मीद भी व्यक्त की है। 

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