अर्थव्यवस्था की बदहाली के लिए गॉड नहीं सरकार की नीतियां जिम्मेदारः यशवंत सिन्हा

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पटना। पटना के लव-कुश टावर स्थित यूनाइटेड डेमोक्रेटिक एलायंस के केंद्रीय कार्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिस यूडीए के राष्ट्रीय संयोजक एवं भारत सरकार के पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने संबोधित करते हुए देश की आर्थिक स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। श्री सिन्हा ने कहा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडापी में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आजादी के बाद पहली बार दर्ज की गई है। उसमें भी सरकार की पारदर्शिता का आलम यह है कि आंकड़ों के साथ छेड़खानी कर इसे 24 से घटाकर 23 किया गया है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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यूडीए संयोजक श्री सिन्हा ने बताया कि जीडीपी में एक प्रतिशत की गिरावट का मतलब होता है 2 लाख करोड़ का नुकसान। 24 प्रतिशत गिरावट का मतलब है देश की जनता को 50 लाख करोड़ का नुकसान। लॉकडाउन लगने के बाद 10 करोड़ लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। नौकरीपेशा लोग ही नहीं स्वरोजगार में लगे लोगों की आय में भी भारी कमी आई है। यहां तक की पत्रकारिता में भी भारी पैमाने पर छंटनी हुई है।

श्री सिन्हा के मुताबिक यह आंकड़ा एक तिमाही का है। अर्थव्यवस्था की इस बदहाली के लिए केवल कोरोना वायरस को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। कोरोना सरकार के लिए बचाव का एक ढाल भर हो सकता है। सच्चाई नहीं। वित्तमंत्री इसे एक्ट ऑफ गॉड करार दे रही हैं।

श्री सिन्हा के मुताबिक जीडीपी 8 तिमाही अर्थात दो वर्षों से लगातार गोता खा रहा है। पिछले वर्ष यह 10 प्रतिशत से घटते-घटते 5 प्रतिशत पर आ गया था। यह सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है। 2020-21 के वित्ती वर्ष में और कितनी गिरावट आएगी कहना कठिन है। मांग कम होने से उत्पादन में कमी आती है और अर्थव्यवस्था में मंदी। सरकार को मांग बढ़ाने का उपाय करना चाहिए। सरकार ने 20 लाख करोड़ का स्पेजल पैकेज घोषित किया जो 21 लाख करोड़ हो गया लेकिन इसका लाभ किसी को नहीं मिला।

यूडीए की तरफ से रचनात्मक सुझाव देते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि रिजर्व बैंक को 10-15 लाख करोड़ ऋण देकर उतने की करेंसी छापने का आदेश देना चाहिए इससे आधारभूत संरचना की मजबूती का काम करना चाहिए। यूडीए बिहार सरकार से सात दिन में सात सवाल करने की घोषणा की है। यह जानकारी राजीव भृगुकुमार ने एक विज्ञप्ति जारी कर दी।

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