हाथरसः भाजपा के हिंदूराष्ट्र का ट्रेलर

0 214

-देवेंद्र गौतम

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

रेप जैसे जघन्य अपराध के मामले का एफआइआर 8 दिनों बाद…मेडिकल जांच 15 दिनों बाद…परिजनों को शव के अंतिम दर्शन तक की इजाजत नहीं…मृतका के परिवार समेत गांव के सभी घरों को बाहर से बंद कर ढाई बजे रात को हिंदू रीति-रिवाज को ताक पर रखकर जबरन दाह्य संस्कार…मृतका के गांव तक पहुंचने के सभी रास्ते बंद…डीएम द्वारा मृतका के परिजनों पर बयान बदलने का दबाव…धारा 144 हाथरस में…राहुल-प्रियंका की गिरफ्तारी यमुना एक्सप्रेस वे पर…यह सब सिर्फ भगवाधारी और ढोंगी सीएम के सजातीय अपराधियों को बचाने के लिए। बलात्कारियों को बचाने की हिंदूवादी कोशिशों के कारण रेपिस्टों का दुःसाहस सातवें आसमान पर। यही है भाजपा सरकार के हिंदूराष्ट्र का ट्रेलर? इसी हिंदूराष्ट्र के लिए अंधभक्त बेचैन? आरएसएस उत्साहित? यही है भाजपा का रामराज्य? क्या अत्याचार और मनमानी का दूसरा नाम हिंदुत्व है? 18 पुराण तो प्राचीनकाल में लिखे जा चुके। यह 19 वें महापुराण का रचनाकाल है। सनातन धर्म को एक और वेदव्यास की जरूरत है।

केंद्र की मोदी सरकार देश की संपदा अपने पूंजीपति मित्रों को खुलेआम लुटाती जा रही है, लेकिन अंधभक्त देशभक्तों को यह दिखाई नहीं दे रहा है। सार्वजनिक उपक्रमों के बाद अब कृषि क्षेत्र को उनके हवाले करने के लिए कोरोनाकाल में तीन कृषि सुधार कानून बना दिए और अंधभक्त इन सारी कार्रवाइयों को जायज ठहराने में अपनी पूरी ताकत लगाए हुए हैं। कुतर्क पर कुतर्क गढ़े जा रहे हैं। गाली-गलौच पर उतर आए हैं। इतना अत्याचार, इतनी मनमानी तो सामंती और औपनिवेशिक काल में भी नहीं थी। अगर हिंदुत्व सिर्फ लोगों को बरगलाने और सत्ता पर काबिज रहने का साधन मात्र नहीं होता और अगर मोदी ब्रांड भाजपा हिंदुत्व के प्रति भी जरा सा भी ईमानदार होती तो कम से कम उसके अनुरूप आचरण तो करती। भेष साधु का और आचरण शैतान का।

इस निरंकुश सरकार को अगर किसी से डर है तो एकमात्र कांग्रेस और गांधी परिवार से है। उसका मजाक बनाकर अपना रास्ता साफ रखना चाहती है। स डरी हुई सरकार ने सिर्फ राहुल गांधी की पप्पू की छवि गढ़ने में अरबों रुपये खर्च कर दिए। खुद बादलों की आड़ में रडार को चकमा देने, धान को रबी फसल करार देकर दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञानी साबित करने की कोशिश कर मसीहा साबित करने की कोशिश में खरबों फूंक डाले। देश का सत्यानाश करके रख दिया। राहुल तो पढ़े-लिखे हैं। डिग्रियां हासिल की हैं। वे पप्पू हैं और कभी स्कूल का मुंह नहीं देखने वाला विद्वान है। क्या पैमाना है। हद है ज़ेहालत की। राहुल पप्पू हैं तो उनके हाथरस जाने में परेशानी क्या थी? जाने देते। योगी बाबा को अपने कुकर्मों का भेद खुल जाने का डर था। इस डर के कारण उन्होंने अपनी सत्ता की ताकत का भांगड़ा नाच दिखा दिया। अब अंधभक्त चाहे जितना चीखें चिल्लाएं, कांग्रेस तो पुनर्जीवित होने लगी। योगी बाबा ने उसे अमृतपान करा दिया। मूर्ख अथवा शातिर अंधभक्तों को छोड़ दें तो कोई भी संवेदनशील व्यक्ति योगी महाराज की इस कार्रवाई की सराहना नहीं सकता। प्रत्यक्ष रूप से नहीं भी मन ही मन गाली ही देगा।

कोई माने न माने अब देश उस मोड़ पर खड़ा है जहां लोकतंत्र की सीमा समाप्त होती है और तानाशाही की जड़ें फैलनी शुरू हो जाती हैं। एक-एक कर सारे नागरिक अधिकार छीन लिए गए हैं। एक बालिग मताधिकार बचा हुआ है। अंधभक्तों की आंखें नहीं खुलीं तो सरकार किसी समय उसे भी छीन सकती है। इसके बाद कोई कुछ नहीं कर सकेगा। एकमात्र रास्ता जनविद्रोह अथवा क्रांति का शेष रह जाएगा। आज जो अंधभक्ति में लीन हैं, एक दिन वे अपने आप को कोसेंगे। अपने बच्चों से आंख मिलाकर बात नहीं कर सकेंगे। तानाशाही जब हिटलर और मुसोलनी की नहीं चली तो इस सरकार की क्या चलेगी। वे देश चलाने की समझ रखते थे। यह सरकार को पूरी तरह फ्लॉप हो चुकी है। इसका हर फैसला देश के लिए घातक साबित हुआ है। अब वह नोटबंदी और जीएसटी का नाम नहीं लेती। तीन तलाक को कानूनन अपराध घोषित कर दिया लेकिन इस कानून के तहत आजतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कौशल विकास योजना फ्लॉप। चुनावी वायदे हवा में। भारत में व्यक्तिपूजा की परंपरा रही है। आसाराम बापू, रामरहीम, नित्यानंद जैसे ढोंगी संतों की भक्ति के बाद अब मोदीभक्ति का दौर चल रहा है। जिस देश के लोग सही गलत की परख करना नहीं जानते। जिन्हें कोई भी बरगला सकता है उस देश का तो भगवान ही मालिक है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: