गांजे को प्रतिबंधमुक्त करने पर विचार करने का समय

संदर्भ, कॉमेडियन भारती सिंह की न्यायिक हिरासत

0 432

-देवेंद्र गौतम

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

सुशांत सिंह राजपूत और रिया चक्रवर्ती से होता हुआ सिलसिला कामेडियन भारती सिंह तक पहुंच चुका है। भारती सिंह न्यायिक हिरासत में हैं। उनके पतिदेव भी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। उनके पास से 65 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। 1985 में अमेरिका के दबाव में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने गांजे को ड्रग करार देकर प्रतिबंधित कर दिया था। इससे पूर्व गांजा ड्रग्स की श्रेणी में नहीं आता था। जिस तरह बिहार में नशाबंदी के बावजूद काले बाजार में शराब सहज उपलब्ध है उसी तरह गांजा देश के हर शहर हर गली में उपलब्ध है। इसका सबसे ज्यादा सेवन साधु-संन्यासी करते हैं। सकी आपूर्ति का भार देश के तस्करों ने उठा रखा है। सरकार को इसका राजस्व नहीं मिलता। तस्करों की चांदी कटती है। गांजा के नाम सुनते ही भारत में एक खौफ सा बन जाता है। भारत में शराब, सिगरेट और भांग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। लेकिन गांजा पर है। होली और शिवरात्रि के दिन भांग का खूब जोर-शोर से इस्तेमाल किया जाता है। विश्व में शराब से कई गुना ज्यादा उपयोग गांजो का होता है। वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में 54% गांजे का सेवन होता है। इसके बाद एमफेटामाइन (नशे की गोली) का 17%, कोकेन का 12%, हिरोइन का 12% का इस्तेमाल होता है।

दुनिया में सबसे बढ़िया नशा गांजे का माना जाता है। यह चित्त को एकाग्र करता है जबकि शराब एकाग्रता को भंग करती है। जाहिर है कि इसका व्यापार सबसे ज्यादा होता है लेकिन भारत में सरकार को इससे कोई कमाई नहीं होती। मज़े की बात यह है कि भांग और गांजा एक ही पौधे के दो उत्पाद हैं। एक खुला है दूसरा प्रतिबंधित। भारत में लोगों ने भांग को भोलेनाथ का प्रसाद माना है। इसलिए सरकार उसपर प्रतिबंध लगाने से कतराती है। यह धर्म और संस्कृति का हिस्सा बन जाता है।

1985 तक गांजा भी इसी श्रेणी में आता था। गांजे को अथर्व वेद में महाऔषधि का दर्जा दिया गया है। पौराणिक कथाओं में भी महादेव के साथ गांजे का जिक्र है। इसके बैन होने का मामला दिलचस्प है।1961 में अमेरिकी प्रेशर में आकर यूएन की एक कंवेनशन में इसे सिंथेटिक ड्रग की कैटेगरी में डाल दिया गया था। लेकिन भारत ने उस वक्त साइन करने से मना कर दिया था। उस वक्त भारत में गांजे के पौथे से आयुर्वेदिक दवाएं बनती थीं। भारत में बैन कराने वाले यूएस के 27 राज्यों में और विश्व के 40 देशों में गांजा वैध है।

दरअसल अमेरिका गांजे के पौधे से दवाईयां बनाकर हमारे देश में ज्यादा दाम पर बेंचता है। अगर भारत में गांजा वैध हो जाए तो अमेरिका का दवाओं का धंधा चौपट हो जाएगा। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के जिन राज्यों में गांजा बैन नहीं है वहां पेन किलर्स की खरीदी में कमी आई है। साथ ही शराब की खपत भी घटी है। कुल मिलाकर अगर गांजा लीगल हो जाता है तो शराब और तंबाकू सेक्टर पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

भारत में गांजा बैन जरूर है लेकिन गांजे के व्यापारी भारी-भरकम कमाई कर रहे हैं। हिमाचल गांजे का अड्डा बना हुआ है। वहां 60 हजार किलो गांजा अवैध बनाया जाता है। उसमें से सिर्फ 1% पकड़ा जाता है। बाकी धुएं के साथ उड़ जाता है। राजीव गांधी सरकार ने यदि 1985 में अगर गांजा बैन नहीं किया होता तो इसका सदुपयोग होता और सरकार को टैक्स भी मिलता। इसका उपयोग सिर्फ नशे के लिए नहीं किया जाता। भूख बढ़ाने के लिए, डायबिटीज, डायरिया, ज्वाइनडिस, पेन किलर और कैंसर के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता। इससे बनने वाली दवाईयां काफी सस्ते दामों में लोगों को मिलतीं।

महिला और बाल विकास विभाग की केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने पैरवी की है कि मनोवैज्ञानिक विकारों को ठीक करने के लिए मरीजुआना अर्थात गांजे पर लगे प्रतिबंध के फैसले में आंशिक बदलाव लाया जाए। दुनिया के बहुत से देशों ने ऐसा किया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्‍यक्षता वाले ग्रुप ऑफ मिनिस्‍टर्स ने पहले इस बारे में एक ड्राफ्ट पॉलिसी तैयार की है। यह कांग्रेसी सरकार के गलत फैसलों में एक है। मोदी सरकार संभवतः इसपर पुनर्विचार कर इसपर लगे प्रतिबंध को हटा दे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: