कोरोना फाइटर्स की भूमिका निभा रहे हैं अमरजीत

* सहयोगियों संग प्रतिदिन कर रहे गरीबों की सेवा

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रांची। वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई जारी है। कोरोना से बचाव के मद्देनजर किए गए देशव्यापी लॉकडाउन ने कुछ हद तक मनुष्य की मुश्किलें भी बढ़ा दी है। संकट की इस घड़ी में विशेषकर गरीब तबके के लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसके मद्देनजर विभिन्न सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और सामाजिक कार्यकर्ता अपने-अपने स्तर से इस मुश्किल वक्त में गरीबों को राहत पहुंचाने में जुटे हैं। ऐसे ही कर्मठ सामाजिक कार्यकर्ताओं में एक नाम शुमार है अमरजीत कुमार का। वह एनएसयूआई के झारखंड प्रदेश के सचिव हैं और शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े हैं। अमरजीत लॉकडाउन के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर बेघर, बेसहारा और अत्यंत गरीब लोगों को चिन्हित कर उन्हें भोजन कराने व राशन मुहैया कराने में जुटे हैं। समाजसेवा के प्रति उनका जज्बा और जुनून देखते हुए विभिन्न संगठन की ओर से भी उन्हें निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है। झारखंड प्रदेश प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष व शहर के जाने-माने समाजसेवी आदित्य विक्रम जायसवाल सहित अन्य सहयोगियों को साथ लेकर अमरजीत प्रतिदिन विभिन्न चौक-चौराहों पर भोजन से वंचित गरीबों को दोपहर का भोजन कराने में जुटे रहते हैं। वहीं, विभिन्न जगहों पर बेघर और बेहद गरीब लोगों को भी चिन्हित कर उनके बीच दैनिक उपयोग की राशन व अन्य राहत सामग्री का वितरण किया जाता है। अमरजीत लोगों के बीच कोरोना वायरस की भयावहता के बारे में जानकारी देते हुए इससे बचाव के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। शहर में कोरोना फाइटर्स के टीम के एक सक्रिय सदस्य के रूप में उनकी पहचान बन गई है। समाजसेवा के प्रति समर्पित अपने सक्रिय सहयोगियों संग वह प्रतिदिन गरीबों की सेवा में जुटे रहते हैं। उनका कहना है कि पीड़ित मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है। संकट की इस घड़ी में और मुश्किल के इस दौर में अपनी शक्ति संजोकर लोगों का हौसला बढ़ाने की आवश्यकता है। अमरजीत कहते हैं कि ऐसे समय संयम, संकल्प और खुशमिजाजी के साथ घर में सकारात्मक माहौल बनाए रहते हुए रचनात्मक कार्यों में जुटे रहने की भी आवश्यकता है। तभी हम इस मुश्किल दौर को हंसकर गुजारने में सफल हो सकते हैं। वह कहते हैं कि हमारी एकजुटता, जागरूकता और “स्टे एट होम” के प्रति प्रतिबद्धता से कोरोना हारेगा और इंडिया जीतेगा।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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