कोल्हान में झामुमो को धोबिया पाट देने की तैयारी में लगी है भाजपा

पूर्वी सिंहभूम जिले के छह, सरायकेला खरसावां जिले की तीन और पश्चिमी सिंहभूम जिले की पांच सीटों पर दिलचस्प होगा चुनावी दंगल

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कोल्हान का चुनावी संग्राम – 2019..
नवल किशोर सिंह / विनय मिश्रा
रांची / चाईबासा। कोल्हान प्रमंडल के अंतर्गत तीन जिले हैं, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां। अभीतक इस इसाके ने राज्य को तीन मुख्यमंत्री दिए हैं। अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा और वर्तमान रघुवर दास। कोल्हान प्रमंडल में वैसे तो कुल 14 विधानसभा सीटें हैं। इनमें बहरागोड़ा,घाटशिला, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्वी, जमशेदपुर पश्चिमी, इचागढ़, सरायकेला-खरसावां, चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर और चक्रधरपुर शामिल हैं। लेकिन झारखंड की राजनीति में इस इलाके का उल्वलेखनीय प्रभाव रहता है।  सूबे के वर्तमान मुख्यमंत्री रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र से विधायक हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां विधानसभा क्षेत्र और मधु कोड़ा जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। कई राजनीतिक दिग्गजों और कद्दावर नेताओं की रणभूमि के रूप में भी यह क्षेत्र जाना जाता है। इस प्रमंडल के दो जिलों में झामुमो का व्यापक प्रभाव रहा है‌, जबकि पूर्वी सिंहभूम में भाजपा मजबूत स्थिति में है। पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) और सरायकेला-खरसावां में झामुमो का व्यापक जनाधार रहा है। भाजपा झामुमो के किले में सेंधमारी की फिराक में जुट गई है। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें, तो झामुमो का पलड़ा भारी दिखता है। झामुमो ने आठ विधानसभा क्षेत्र में जीत हासिल कर परचम लहराया था। फिलवक्त क्षेत्र के राजनीतिक परिदृश्य बदल गये है। झामुमो के बहरागोड़ा विधानसभा सीट से विधायक कुणाल षाडंगी भाजपा में शामिल हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के पास पांच और उसके सहयोगी दल आजसू के पास एक सीटें हैं। विगत विधानसभा चुनाव में भाजपा को पश्चिम सिंहभूम में एक सीट भी हासिल नहीं हो पाई थी। इसलिए भाजपा कोल्हान प्रमंडल में इस बार मजबूत और दमदार उपस्थिति दर्ज कराने की कवायद में जुट गई है। मुख्यमंत्री रघुवर दास भी जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से कोल्हान प्रमंडल के सभी क्षेत्रों में जाकर दो चरणों में जनता से संवाद स्थापित कर चुके हैं। जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री जनता की नब्ज टटोलकर चुनावी रणनीति को अमलीजामा पहनाने की दिशा में प्रयासरत हैं। झामुमो के जनाधार वाले क्षेत्र में भाजपा लगातार सेंधमारी करने में जुटी है। इस प्रमंडल में इस बार भाजपा और झामुमो में सीधी टक्कर के आसार हैं। झामुमो अपने पूर्व की स्थिति को बनाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रही है। गौरतलब है कि बीते लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिमी सिंहभूम सीट पर भाजपा को शिकस्त देने में विपक्ष सफल रहा था। क्षेत्र में तेजी से बंद होते खदानों और कंपनियों, बेरोजगारी, पलायन, प्रदूषण और विस्थापन आदि गंभीर जन समस्याएं हैं। जन समस्याओं के समाधान की दिशा में जो राजनीतिक दल जनता को ठोस आश्वासन देते हुए काम करने के वादे के साथ चुनावी जंग में उतरेगी, उसे जनता का समर्थन प्राप्त करने में आसानी होगी। पश्चिमी सिंहभूम जिले में चक्रधरपुर से झामुमो के शशि भूषण समद वर्तमान में विधायक हैं। यहां भाजपा इस बार चुनाव मैदान में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा को मैदान में उतारेगी। श्री गिलुवा लोकसभा चुनाव में पराजय का स्वाद चख चुके हैं। वह मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र से झामुमो की जोबा मांझी विधायक है। इनकी पकड़ क्षेत्र में काफी मजबूत है। भाजपा यहां से गुरु चरण नायक को प्रत्याशी बना सकती है। जगन्नाथपुर विधानसभा सीट गीता कोड़ा का रहा है। अब श्रीमती कोड़ा सांसद बन गई हैं। यह कोल्हान क्षेत्र की एकमात्र ऐसी सीट है,जहां कांग्रेस को जीत की भरपूर उम्मीद है। कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में कौन होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। बताया जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पर यह निर्भर होगा कि पार्टी का प्रत्याशी कौन होगा। चाईबासा सीट पर झामुमो के वर्तमान विधायक दीपक बिरुवा की सशक्त दावेदारी है। भाजपा से टिकट के लिए यहां जेबी तुबिद, गीता बलमूचू और पूर्व विधायक पुतकर हेंब्रम भी प्रयासरत हैं। बताया जाता है कि चाईबासा सीट पर श्री तुबिद प्रबल दावेदार हैं। यहां भाजपा और झामुमो के बीच सीधी टक्कर है। वहीं मझगांव सीट पर भाजपा के बड़कुंवर गगराई और झामुमो के निरल पूर्ति के बीच सीधी टक्कर होने के आसार हैं। सरायकेला खरसावां जिला में विधानसभा की तीन सीटें हैं। इचागढ़,खरसावां और सरायकेला। यहां से झामुमो के चंपई सोरेन विधायक हैं। भाजपा के गणेश महली इस बार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। खरसावां सीट परके दशरथ गगराई विधायक हैं। चर्चा है कि इस सीट पर भाजपा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा को भाजपा आजमा सकती है। इचागढ़ सीट भाजपा के पास है। यहां से साधु चरण महतो विधायक हैं। बताया जाता है कि झारखंड विकास मोर्चा के अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह इस बार उन्हें टक्कर देंगे। पूर्वी सिंहभूम जिले में 6 विधानसभा सीटें बहरागोड़ा से झामुमो के विधायक कुणाल षाडंगी भाजपा में चले गए हैं। भाजपा के बागी प्रत्याशी समीर महंती इस बार झामुमो के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, घाटशिला से भाजपा के लक्ष्मण टुडू विधायक हैं। झामुमो के रामदास सोरेन से उनकी टक्कर बताई जा रही है। जमशेदपुर पूर्वी सीट मुख्यमंत्री रघुवर दास के पास है। वह विगत 25 वर्षों से इस सीट पर विधायक चुने जाते रहे हैं। झाविमो के अभय सिंह इस बार उनके विरुद्ध गठबंधन के प्रत्याशी हो सकते हैं। जमशेदपुर पश्चिमी सीट से सरयू राय विधायक हैं। पिछली बार उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी बन्ना गुप्ता को हराया था। इस बार भी श्री गुप्ता और सरयू राय आमने-सामने होंगे। जुगसलाई से रामचंद्र सहीस विधायक हैं। यह कोल्हान में यह एकमात्र सीट होगी, जहां से आजसू का लड़ना तय माना जा रहा है। झामुमो के मंगल कालिंदी प्रतिद्वंदी के रूप में उनके सामने होंगे। पोटका विधानसभा सीट भाजपा के खाते में है। मेनका सरदार यहां से विधायक हैं। झाविमो के संजीव सरदार इस बार उन्हें टक्कर दे सकते हैं।

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