सीएम हेमंत सोरेन अचानक आंचल शिशु आश्रम और कुश्ती की राष्ट्रीय खिलाड़ी के घर पहुंचे

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रांची। मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन अपनी सहजता और अपने आम आदमी के दुःख दर्द से अपने जुड़ाव को हमेशा सबसे आगे रखते हैं। यह बात आज फिर एक बार सामने आयी, जब वे विवेकानंद सरोवर (बड़ा तालाब) के कार्यक्रम के बाद अचानक बिना किसी पूर्व कार्यक्रम से आम आदमी की तरह लेक रोड पर स्थित पहले आंचल शिशु आश्रम और फिर राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती खिलाड़ी सुश्री राखी तिर्की एवं सुश्री मधु तिर्की के घर पहुंचे।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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आंचल शिशु आश्रम में मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे खूब खुश हो गये। मुख्यमंत्री ने आश्रम के बच्चों से मिलकर उनकी पढ़ाई लिखाई और उनकी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने मुख्यमंत्री को स्वागत तिलक लगाया और उनके सम्मान में प्रार्थना गीत भी गया।

मुख्यमंत्री ने मौके पर अधिकारियों को निदेश दिया कि जल्द ही सभी अनाथालयों के प्रमुखों के साथ बैठक कर इनके संचालन में आने वाली सभी दिक्कतों की जानकारी ली जाय। आश्रमों में रह रहे बच्चों की पढ़ाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बैठकें नियमित अंतराल पर होती रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन वहीं लेक रोड पर राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती खिलाड़ी सुश्री राखी तिर्की एवं सुश्री मधु तिर्की के घर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इनका हौसला अफजाई करते हुए कहा कि आप आगे और कड़ी मेहनत करें और राज्य व देश के लिए मेडल जीतकर लाएं। उन्होंने इन खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में राज्य के मेधावी खिलाड़ियों को सरकार सुविधाएं प्रदान करेगी।

आँचल शिशु आश्रम से निकलकर लौटने के क्रम में अचानक गाड़ी रोक कर श्री मोहन तिर्की एवं श्रीमती रूपन तिर्की के घर पहुंचे। इनकी बेटियां कुश्ती खिलाड़ी बेटियां सुश्री राखी तिर्की एवं सुश्री मधु तिर्की को अपने घर अचानक मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को पहुंचते देख कर सहसा यकीन नहीं हुआ। वे बहुत उत्साहित और खुश हुई। उन्होंने कहा कि यह दूसरा मौका है जब हम दोनों बहनों की हौसला बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन स्वयं हमारे घर पहुंचे हैं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है।

राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती खिलाड़ी सुश्री राखी तिर्की एवं सुश्री मधु तिर्की दोनों सगी बहने हैं। इन दोनों बहनों ने वर्ष 2015 एवं 2016 में कन्याकुमारी और रांची में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता था। इसके बाद इन दोनों बहनों का सिलेक्शन इंडिया कैंप में भी हुआ था। ये दोनों बहने राज्य की पहली आदिवासी महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर के कुश्ती प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता था। इनके पिता श्री मोहन तिर्की मजदूरी करते हैं। वर्तमान में दोनों बहने प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं। साथ ही, खेलो इंडिया के तहत कोचिंग के लिए भी चुनी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने खेल विभाग को यह निर्देश दिया कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उनकी प्रतिभा को निखारने के प्रयास करें। खिलाड़ियों और खेल को केंद्र में रखकर नीति बनाएं जिससे झारखण्ड की खेल प्रतिभा विकसित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की पिछले दिनों की वह बात सभी लोगों के जेहन में बरबस कौंध गयी कि सत्ता-बोध उन्मादी बना सकती है पर, जिम्मेदारी-बोध हमेशा शालीन बनाती है। मुख्यमंत्री की सहजता और जिम्मेदारी बोध से यह साफ है कि आम जनता ही उनके सभी प्रयासों के केन्द्र में है।

मुख्यमंत्री के साथ उनके ओएसडी श्री गोपाल जी तिवारी तथा अन्य अधिकारी भी साथ थे।

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