प्रवासी पक्षी के बलबूते कांग्रेस चुनाव मैदान में : अजय राय

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रांची / जमशेदपुर। भाजपा नेता अजय राय ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी प्रवासी पक्षी के बलबूते जमशेदपुर में मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव मैदान में है। उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस पार्टी का जनाधार लगभग समाप्त हो चुका है। यहां की जनता का कांग्रेस पार्टी से मोह भंग हो चुका है। कांग्रेस के नीति निर्धारकों की अदूरदर्शिता से पार्टी का बंटाधार हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य गठन के बाद पहली बार एक स्थिर सरकार और स्वच्छ प्रशासन देने में सफलता पाई है। रघुवर सरकार के कार्यकाल में जनहित में बनाई गई कई कल्याणकारी योजनाएं सफलीभूत हुई है। रघुवर सरकार की उपलब्धियां मील का पत्थर साबित हुई हैं। श्री राय ने कहा कि कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें। उनकी कप्तानी में राजनीति के कई धुरंधर और दिग्गज खिलाड़ियों ने उनसे किनारा कर लिया। कांग्रेस पार्टी के तीन प्रदेश अध्यक्षों ने पार्टी छोड़कर अन्य दलों का दामन थाम लिया। यह कांग्रेस पार्टी के झारखंड प्रभारी की अदूरदर्शिता और अकर्मण्यता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने जमशेदपुर पूर्वी सीट से मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ दिल्ली से आयातित प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है। इससे यह साफ स्पष्ट होता है कि कांग्रेस पार्टी अपने समर्पित कार्यकर्ताओं की किस प्रकार उपेक्षा करती है। कांग्रेस के कई नेता- कार्यकर्ता भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हो रहे हैं। श्री राय ने कहा कि झारखंड के सर्वांगीण विकास में भाजपा की नीतियां काफी सहायक हैं। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने कार्यकाल के दौरान सही मायने में सबका साथ और सबका विकास के नारे को सच साबित कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक खास मौसम में प्रवासी पक्षी साइबेरियन डक आदि भारत के विभिन्न झीलों की ओर रुख करते हैं, उसी प्रकार, उसी तर्ज पर झारखंड विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने आयातित प्रत्याशी को उतारा है। यह कांग्रेस की हताशा और निराशा का भी परिचायक है। जनता कांग्रेस पार्टी की मंशा भांप चुकी है। जनता उनके झांसे में नहीं आने वाली है। उन्होंने कहा कि रघुवर दास भारी मतों से चुनाव जीतेंगे और फिर झारखंड की जनता उन्हें मुख्य सेवक के रूप में सेवा करने का अवसर प्रदान करेगी।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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