झारखंड के मुख्य सचिव ने दिया रांची में ग्रीन हेजिंग का निर्देश

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की संचालन समिति

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रांची। झारखंड के मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने नगर विकास विभाग को रांची स्मार्ट सिटी की घेराबंदी ग्रीन हेजिंग (तार या प्लास्टिक की जालीदार दीवार जिसपर हरी पत्तियों वाले लत्तर चढ़ते हैं) से करने का निर्देश दिया है। वहीं वन विभाग को भी प्रयोग के तौर पर हवाई अड्डा से लेकर प्रोजेक्ट भवन के बीच कहीं प्रयोग के तौर पर सड़क किनारे ग्रीन हेजिंग का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि धूल कणों के प्रसार को रोकने का यह प्राकृतिक तरीका पर्यावरण की सुरक्षा के साथ सुंदरीकरण का भी मॉडल बन सकता है। इसी तरह की ग्रीनवॉल धनबाद एवं अन्य शहरों में बनाई जाये, जहां की वायु में 2.5 तथा 10पीएम के कणों की मात्रा मानक से काफी अधिक है और आम जन वायु प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न आवासीय क्षेत्रों/कॉलोनी तथा प्रदूषित क्षेत्र जैसे खनन कार्य क्षेत्र, निर्माण कार्य क्षेत्र, बड़ी सड़कों के यातायात के क्षेत्र आदि के मध्य ग्रीनवॉल बनाकर वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की संचालन समिति की बैठक में बोल रहे थे।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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वन विभाग को अपनी नर्सरी विकसित करने का निर्देश

मुख्य सचिव ने समय की मांग के अनुसार वन विभाग को अपनी नर्सरी को और उन्नत और विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नर्सरी में 10 फीट से ऊंचे ऐसे पौधे विकसित करें, जिसका रोपण कहीं भी आसानी से हो सके। ऐसे पौधे कई जगह उगाए जा रहे हैं। बड़े पौधे होने से जानवरों के खाने का खतरा भी नहीं होता तथा कम देखभाल की भी जरूरत पड़ेगी। नर्सरी के इन विकसित पौधों का अच्छा व्यावसायिक उपयोग भी हो सकता है।

धनबाद राज्य में सबसे ज्यादा प्रदूषित, होगा निराकरण

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने धनबाद को झारखंड का सबसे प्रदूषित शहर माना है। देश के 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले 28 शहर ऐसे हैं, जिनका पीएम10 का मानक 90 चिह्नित किया गया है। उसमें धनबाद का पीएम10 मानक 238 प्रतिवेदित है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने धनबाद के पर्यावरण को सुधारने के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि कर्णांकित की है। मुख्य सचिव ने इस राशि का उपयोग धनबाद में खनन क्षेत्र और आबादी के बीच ग्रीन हेजिंग से करने का निर्देश दिया। वहीं इस राशि से सड़क किनारे खाली जमीन पर वाहनों के जाने से घूल उड़ने की समस्या को दूर करने के लिए उस खाली जमीन पर पेवर ब्लॉक बनाने, पौधरोपण करने और नगर निगम को मैकेनिकल स्वीपर उपलब्ध कराने को कहा। इसके तहत धनबाद के कतिपय स्थानों पर प्रदूषण स्तर जानने के लिए इंडिकेटर मशीन लगाने पर भी उन्होंने सहमति जतायी।

मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न संचालन समिति की बैठक में नगर विकास सचिव श्री अजय कुमार सिंह, परिवहन सचिव श्री प्रवीण टोप्पो, पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री एके रस्तोगी, सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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