पत्रकार सुशील भारती को उपभोक्ता फोरम से मिला न्याय

मारुति कंपनी को दो माह के अंदर हर्जाना समेत 4.78 लाख के भुगतान का आदेश

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– सेवा में पायी त्रूटि, वादी के पक्ष में सुनाया फैसला

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

– लोन पर ली थी मारूति सुजुकी की सेलिरियो माडल, दे नहीं रही थी सही माइल

रांची। देवघर जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम द्वारा वादी वरीय पत्रकार सुशील भारती की ओर से दाखिल शिकायत पत्र की सुनवाई के बाद परिवादी पक्ष को 4 लख 78 हजार 310 रुपये हर्जाना के तौर पर भुगतान करने का आदेश दिया है. यह राशि विपक्षियों को दो माह के अंदर भुगतान करने काे कहा है. अगर विपक्षीगण आदेशित राशि का भुगतान करने में असफल होते हैं तो उक्त राशि 9 प्रतिशत सूद की दर से देय होगी. इस राशि में मारूति सुजु़की की कीमत 4 लाख 63 हजार 310 रुपये हैं. कहा है कि विपक्षीगण पुरानी मारूति के बदले नई मारूति सुजुकी वादी को दें या गाड़ी की उक्त कीमत कैश के तौर पर दे. मारूति सुजुकी कंपनी का सेलिरियो कार में खराबी रहने के चलते सेवा में त्रुटि पायी जिससे मानिसक प्रताड़ना के तौर पर 10 हजार रुपये व मुकदमा खर्च के तौर पर 5 हजार रुपये शामिल है.

मालूम हो कि वरीय पत्रकार श्री भारती ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा हिंदी विद्यापीठ देवघर से लोन पर मारूति सुजुकी कंपनी की सेलिरियो कार खरीदी थी.वारंटी अवधि में उक्त वाहन ने सही सेवा नहीं दी. जितना माइलेज कह कर दिया था, माइलेज मिल नहीं रहा था पैट्रोल की खपत बहुत हो रही थी. इंजिन में त्रुटि की शिकायत इस वाद के विपक्षियों से कई बार की, लेकिन सुधि नहीं ली तो उपभोक्ता फोरम में 24 मई 2016 को वाद दाखिल किया था. इसमें एक पत्रकार ने भी गवाही दी थी.

इसमें मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड नई दिल्ली, इसी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर, कंपनी के टेरीटोरी मैनेजर (सर्विस ) सीमांत सिंह व दी रिलायबुल इंडस्ट्रीज के अधिकृत विक्रेता देवघर को विपक्षी बनाया था. वादी की ओर से अधिवक्ता सज्जन कुमार मिश्र व विपक्षी की ओर से अधिवक्ता हेमचंद्र झा व शुभ्रज्योति राय ने पक्ष रखा. दोनों पक्षों की बहस फोरम के अध्यक्ष लालजी सिंह कुशवाहा व सदस्य दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने सुनी व सेवा में त्रुटि पाकर उपरोक्त फैसला सुनाया. उपभोक्ता को दो साल संघर्ष के बाद न्याय मिला.

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