एकजुट हों तभी हक की लड़ाई लड़ सकते हैं पत्रकार : प्रीतम सिंह भाटिया

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रांची। ऑल इंडिया स्माॅल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन(एआइएसएम जेडब्लूए) के बिहार/झारखंड व बंगाल प्रभारी प्रीतम सिंह भाटिया ने कहा है कि पत्रकारों को एकजुट होना वर्तमान समय की मांग है। पूर्व की तुलना में अब पत्रकारिता अधिक चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरे पेशे के रूप में उभर रहा है। परिस्थितियां भी कुछ ऐसी होती जा रही हैं कि हम पत्रकारों को संगठित होना अत्यंत आवश्यक प्रतीत होने लगा है। श्री भाटिया ने कहा कि पत्रकार चाहे किसी भी संगठन से जुड़े हुए हों, किसी भी बैनर तले अपने हक व अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हों, उन्हें संगठित होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के संगठनों का मंजिल व उद्देश्य एक ही है पत्रकार हित। भले ही हमारे रास्ते अलग-अलग हों, लेकिन हमारा उद्देश्य एक ही है।
उन्होंने कहा कि हम पत्रकार संगठित नहीं हैं, इसलिए अपने हक के लिए सरकार पर भी दबाव बनाने में सफल नहीं हो पाते हैं।
उन्होंने पत्रकारों की एकजुटता को लेकर सरायकेला-खरसावां प्रेस क्लब की ओर से की गई पहल की सराहना की है। श्री भाटिया ने कहा कि सरायकेला प्रेस क्लब का इस दिशा में उठाया गया कदम स्वागतयोग्य है। पत्रकारों की एकजुटता के लिए पहल शुरू करने की उन्होंने अन्य प्रेस क्लब से भी अपील की है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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