माले प्रत्याशियों की सूची, संकल्प पत्र जारी

20 सीटों पर लड़ने की तैयारी

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रांची।  रांची स्थित झारखंड राज्य कार्यालय में एक प्रेसवार्ता आयोजित कर भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य और राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद द्वारा झारखंड बिधानसभा चुनाव के लिए संकल्प पत्र और प्रत्यशियो की सूची जारी की गई । प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य मे कहा कि पिछले दिनों जब भाजपा विपक्षी पार्टी हुआ करती थी तो “भय भूख भ्रष्टाचार ” के खिलाफ सिर्फ बोलती ही नहीं, बल्कि सत्ता में आने पर  मिटा देने का दावा भी करती थी । लेकिन झारखंड में पिछले 19 बर्ष के शासनकाल , जो मुख्यरूप से भाजपा का ही शासनकाल था , उसमें से भी पिछले 6 बर्ष का रघुवर राज में मोबलिंचिग की लगातार जारी करीब 25 घटनाएं  और सिलसिलेबार मौत से दलित आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदाय में बेइंतहा आतंक भर दिया गया है । वहीं भूख से ग्रामीण गरीवी की दर्दनाक मौत की घटनाएं भी लगातार जारी है और 30 का आंकड़ा भी पार कर चुका है । भ्रष्टाचार की बात का क्या कहना ! मंत्रियो का भ्रष्टाचार तो उतना दिखता नहीं , लेकिन योजनाओ में ब्याप्त लूट और राशन डीलरों की लूट के कारण आए दिन ग्रामीण गरीब बढ़ते वेरोजगारी और भुखमरी की बेबर्दाश्त हालात सामना कर रहे हैं ।
इस तरह भाजपाई शासन में भय भूख और भ्रष्टाचार जितना चरम पर है झारखंड की जनता का भाजपा बिरोधी विक्षोभ भी चरम पर है , जो भाकपा माले और वामदलों की नेतृत्व में लगातार बिकसित होते आंदोलन एक निर्णायक बड़े आंदोलन का रूप लेने वाले है।
वर्तमान बिधानसभा चुनाव में जहां जन विक्षोभ भाजपा और उसकी सरकार के खिलाफ एक उभार का शकल अख्तियार करनेबाले है तो मोदी सरकार ,खासकर अमित शाह ने एनआर सी और संशोधित नागरिक कानून को चुनाव के साथ जोड़कर न सिर्फ जनता को आतंकित और जनमुद्दों से ध्यान हटा देने की कोशिश की है , बल्कि हजारो लाखो गरीब दलित आदिवासी जनता ,अल्पसंख्यक जनता को झारखड से उजाड़ कर असम की तरह डिटेंशन कैम्प में जनसंहार कर देने का योजना भी आज ही जनता द्वारा स्वीकार करवा लेना चाहते हैं।
झारखंड की जनता इस चुनाव में निश्चित रूप से इस तरह की जनविरोधी व जनसंहारक भाजपा शासन को पराजित करेगी ।
जहां तक भाकपा माले का सवाल है , झारखंड के जन्मकाल से ही , शहीद जननायक महेंद्र सिंह के समय और उनके बिरासत के रूप में , आज भी बिधानसभा के अंदर और बाहर जनपक्षीय सवाल ,गतिविधि और आंदोलन को चलाने और उसके बीच यथोचित समन्यय कायम करने का जो मिसाल और रेकॉर्ड कायम किया है , उसकी तुलना झारखंड की किसी भी राजनीतिक ताकत या धारा से नही की जा सकती है ।
लिहाजा , भाकपा माले और वामपंथी पार्टिया इस तरह के भाजपा विरोधी जन उभार की सबसे अगली कतार में रहेंगी ।
भाकपा माले इस चुनाव में कुल 16 प्रत्यशियो को 16 बिधानसभा क्ष्रेत्र में उतरेगी । बाकी सीटों में सबसे पहले जिन सीटों पर वामपंथी पार्टियां, भाजपा विरोधी ताकत के रूप में सामने आएगी ,वहाँ वाम दलों को और बाकी जगह में ,जंहा भी भाजपा को शिकस्त देनेवाली जो भी ताकत दिखेगी , भाकपा माले उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
वैसे इस बार जनता निश्चित रूप से वामपंथी ताकतों को अधिक संख्या में विधानसभा में भेजेगी । इसी उम्मीद के साथ आनेवाले दिनों में जनसंघर्ष के मुद्दों पर जनसकल्प पत्र भी जारी किया जा रहा है ।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

(भाकपा माले झारखंड राज्य कार्यालय सचिव सुखदेव प्रसाद द्वारा प्रेषित)

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