पंडित अनूप बाजपेयी ने सीएम हेमंत सोरेन को भेंट की पुस्तकें

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दुमका। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आज दुमका में पुरातत्त्वविद् पंडित अनूप कुमार वाजपेयी ने 2009 ईसवी में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से प्रकाशित राजमहल (ऐतिहासिक एवं पुरातात्त्विक) नामक अपनी पुस्तक के साथ अंगिका खोरठा नामक पुस्तक भेंट की। राजमहल पुस्तक साहिबगंज जिला के राजमहल क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों एवं इस क्षेत्र में मिलने वाली प्रागैतिहासिक काल की पुरावस्तुओं पर केन्दित है। अंगिका खोरठा पुस्तक सुप्रसिद्ध लेखिका डॉ0 मीरा झा द्वारा पंडित वाजपेयी से साक्षात्कार के आधार पर सम्पादित है जिसे समीक्षा प्रकाशन दिल्ली/मुजफ्फरपुर ने प्रकाशित किया है।
मौके पर पत्रकारों के समक्ष मुख्यमंत्री ने पंडित वाजपेयी कहा कि “आपकी लिखी हुई पुस्तकें हमेशा मेरे सामने टेबुल पर रहती हैं। प्रथमिकता देते हुए मैंने पर्यटन विकास विभाग को निर्देश दिया है कि राजमहल सहित संताल परगना के पुरावशेषों को सहेजा जाये। जनवरी माह से आपको काम देखने को मिलेगा।”
वहीं पत्रकारों से मुख्यमंत्री ने कहा कि “झारखण्ड में तेजी से टूरिज्म को विकसित करने का निर्णय लिया है।”
उल्लेखनीय है इसके पूर्व मुख्यमंत्री को पिछले गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर यहाँ दुमका के उपायुक्त राजेश्वरी बी0 ने पिछले गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या को बुके बदले “विश्व की प्राचीनतम सभ्यता” नामक पंडित वाजपेयी की पुस्तक उपहार स्वरूप दिया था। इस पुस्तक में दावा किया गया है कि संताल परगनाज सहित प्राचीन अंग क्षेत्र में दफन एक सभ्यता की खोज की है जो तब की है जब हड़प्पा सभ्यता विकसित नहीं हुई थी। साथ ही यह भी बताया है कि संसार के प्राचीनतम आदि मानव संताल परगनाज में रहते थे जो यहाँ के पहाड़ों-चट्टानों में जीवाश्म रूप में समाहित हैं जिनकी खोज पंडित वाजपेयी ने की है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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