झारखंड में नेताजी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश

रघुवर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर कार्यपालक आदेश के तहत 23 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आदेश दिया है।सरकार के कार्यकाल में रोक दिया गया था यह सिलसिला

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रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर कार्यपालक आदेश के तहत 23 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आदेश दिया है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

ज्ञातव्य है कि इससे पहले भी 2014 तक पिछले कई वर्षों में 23 जनवरी को नेताजी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश दी जा रही थी। परंतु वर्ष 2015 से 2019 तक यानी पूर्व सीएम रघुवर दास के कार्यकाल में 23 जनवरी के दिन मिलने वाली छुट्टी बन्द हो गयी थी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इसकी समीक्षा करते हुए इस वर्ष 23 जनवरी के दिन कार्यपालक आदेश के तहत् सार्वजनिक अवकाश दिए जाने का आदेश दिया है।

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखण्ड नेताजी सुभाष चंद्र बोस की कर्मभूमि भी रही है। भारत को आजादी दिलाने में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। हम सबों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवा को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पद चिन्हों पर चलकर राज्य और देश सेवा में अपना योगदान करना चाहिए।

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