रेलवे पुलिस ने मां-बेटी को मिलाया

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राँची रेलवे स्टेशन पर एक 75 वर्षीय महिला लावारिस स्थिति में रोते हुए पाई गई थी। पूछने पर महिला ने अपना नाम मेनका मंडल, पता- थाना- नाला जामताड़ा के पायेगढ बताई। मानवाधिकार कार्यकर्ता अनुरागिनी जी ने महिला की फ़ोटो मानवाधिकार प्रशासन के ग्रुप में भेजी। इसके बाद मानवाधिकार प्रशासन के सचिव मुन्नु शर्मा द्वारा रेलवे सुरक्षा बल राँची स्टेशन से सम्पर्क किया गया। RPF के स्टाफ दीपक कुमार एवम GRP थाना प्रभारी द्वारा मानवाधिकार प्रशासन के सहयोग से हटिया स्थित अपना घर वृद्धा आश्रम में आश्रय देने की बात कही गईं लेकिन महिला मेनका मंडल स्टेशन परिसर से वृद्धा आश्रम के नाम पर जाने में भड़क गई और यहाँ वहाँ भागने लगी।
इस सन्दर्भ में मानवाधिकार प्रशाशन ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची को पूरी घटना की जानकारी देते हुए आग्रह किया कि महिला को संरक्षण देने के हितार्थ सहयोग किया जाए।
महिला के उग्र होने के कारण पूरी रात राँची रेल पुलिस GRP एवम RPF ने उक्त महिला को प्रतीक्षालय में संरक्षण देकर पूरी रात निगरानी किया
7/01/2020 को भी वृद्ध महिला की बेटी न्योति मंडल अपनी माँ को खोजते हुए राँची रेलवे स्टेशन पहुँची,जहां रेलवे पुलिस GRP एवम RPF ने बेटी को उसकी माँ से मिलाया। रात भर रुना शुक्ला द्वारा जानकारी ली जाती रही ।
बेटी न्योती मंडल ने बताया कि वे लोग कल अपने जमीन विवाद के केश को लेकर हाई कोर्ट राँची आये हुए थे, वहीँ से उनकी माँ भटक गए थी, और यहाँ पहुँच गई। इसके बाद रेलवे पुलिस GRP थाना में मानवाधिकार प्रशासन की लीगल हेड रूना शुक्ला जी की मौजूदगी में वृद्धा मेनका मंडल को जिम्मेनाम की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनकी बेटी न्योती मंडल को सुपुर्द किया गया।
इस कार्य मे मुख्य रूप से मानवाधिकार कार्यकर्ता रुना शुक्लामानवाधिकार कार्यकर्ता अनुरागिनी सिहं, रेलवे सुरक्षा बल के स्टाफ दीपक कुमार, GRP रेल थाना के थाना प्रभारी पु.अ.नि रमेश कुमार, ASI धीरेंद्र कुमार,ASI श्रीकांत चौधरी,ASI अनिल मरांडी,आरक्षी सोनिया कुमारी
सहित सभी रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों का सहयोग रहा।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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