कोरोना से मुक्ति के लिए समाजसेवी सुधांशु सुमन कर रहे यज्ञ और नवग्रह शांति जाप

* "हारेगा कोरोना,जीतेगा हिन्दुस्तान, हटेगा लाॅकडाउन, विश्व का होगा कल्याण" के नारे से गुंजायमान हुआ यज्ञ स्थल

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* प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने की अपील
* प्रधानमंत्री के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में प्रयासरत
रांची : झारखंड के जाने-माने समाजसेवी व देशव्यापी अभियान “तिरंगा सम्मान यात्रा” के राष्ट्रीय संयोजक सुधांशु सुमन ने कहा है कि हम अपने घरों में रहकर ही वैश्विक महामारी कोरोना से मुक्ति पाने में सफल हो सकते हैं। सरकारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन करते हुए कोरोना को मात दे सकते हैं। श्री सुमन लाॅकडाउन शुरू होने के बाद से अपने आवास पर निरंतर यज्ञ, हवन व नवग्रह शांति पाठ कर कोरोना से मुक्ति पाने के लिए ईश्वर से कामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब मानव जीवन पर संकट गहराया है, तब-तब ईश्वरीय शक्तियां चमत्कारी रूप में मानव कल्याण के लिए प्रकट हुई हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से हम संकटों का सामना करने में सफल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीन के वुहान शहर से उपजी जानलेवा महामारी कोरोनावायरस आज पूरे विश्व में मौत का तांडव कर रही है। वैश्विक महामारी कोरोना से पूरी दुनिया के देशों की आर्थिक ,सामाजिक ,सांस्कृतिक ,राजनैतिक और धार्मिक गतिविधियां थम सी गई है। दुनिया में वैश्विक आपातकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। विश्व के महाशक्तिशाली देशों में अग्रणी अमेरिका सहित सभी समृद्ध देशों में हालात बेकाबू हैं। ऐसी स्थिति में भारत के यशस्वी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोनावायरस के खात्मा करने का संदेश सम्पूर्ण हिंदुस्तान में लॉकडाउन करके दिया। श्री मोदी के इस दूरदर्शितापूर्ण निर्णय और उनके सकारात्मक सोच की भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के सभी बड़े देश के नेताओं की ओर से प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खात्मा के मामले में भारत ने अपनी कार्यशैली को विश्व के सामने आदर्श के रूप प्रस्तुत किया है। इस क्रम में सुधांशु सुमन गांव- गांव ,शहर-शहर के साथ-साथ छोटे-छोटे कस्बों में प्रधानमंत्री श्री मोदी का सोशल डिस्टैंसिंग,स्टे एट होम का संदेश तिरंगा कमिटी के सदस्यों के माध्यम से घर- घर पहुंचाने में जुटे हैं। उन्होंने नारा दिया है, “हारेगा कोरोना, जीतेगा हिन्दुस्तान, हटेगा लाॅकडाउन, विश्व का होगा कल्याण”।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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