चुनौतीपूर्ण होगा दूसरे चरण का चुनावी महासमर

* क्षेत्रीय क्षत्रपों और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने झोंकी ताकत

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नवल किशोर सिंह
रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 20 विधानसभा सीटों के लिए 7 दिसंबर को मतदान होंगे। दूसरे दौर के चुनावी समर में किला फतह करने और जीत का परचम लहराने के लिए सभी सियासी दल अपने- अपने स्तर से जोड़ लगा रहे हैं। एक तरफ चुनावी समर में सफलता के लिए भाजपा के शीर्ष नेताओं के लगातार दौरे हो रहे हैं, वहीं, क्षेत्रीय क्षत्रपों ने भी अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

दूसरे चरण में कड़ी चुनौतियां हैं। मुकाबला भी दिलचस्प होने के आसार हैं। जिन 20 विधानसभा सीटों पर मतदान होने हैं, उनमें न तो भाजपा को कमतर आंका जा सकता है और ना ही यूपीए गठबंधन को कमजोर। पिछले चुनाव का परिणाम साफ इशारा करता है कि कोई किसी से कम नहीं रहा है। शायद यही वजह है कि दोनों ही खेमा ने इस बार अपनी पूरी ताकत दूसरे चरण के चुनाव में लगा दिया है। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के विधानसभावार जो परिणाम आए हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों ही टीमों का पलड़ा लगभग बराबर का रहा है।

वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के परिणाम पर गौर करें तो कोल्हान और दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के जिन 20 सीटों के लिए चुनाव हुआ था,उसमें भाजपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा दोनों ने आठ-आठ विधानसभा क्षेत्रों में जीत का परचम लहराया था। भाजपा की तत्कालीन सहयोगी दल आजसू पार्टी को 2 सीटें और झारखंड पार्टी तथा मधु कोड़ा की जय भारत समानता पार्टी को एक-एक सीट प्राप्त हुई थी। भाजपा 9 सीटों पर और झामुमो 5 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही थी। इस बार का राजनीतिक परिदृश्य कुछ अलग है। आजसू इस बार भारतीय जनता पार्टी के साथ नहीं है। मधु कोड़ा की पार्टी का विलय कांग्रेस में हो चुका है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव पर गौर करें तो पता चलता है कि भाजपा और यूपीए में बराबरी का मुकाबला रहा था। भाजपा और कांग्रेस ने 10-10 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई थी।

लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 14 में से 12 सीटें प्राप्त की थी। चाईबासा सीट कांग्रेस के प्रत्याशी गीता कोड़ा को जीत हासिल हुई थी और भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी। वहीं खूंटी में कड़े मुकाबले के बीच भाजपा सीट जीतने में सफल रही। दूसरे चरण में जिन 20 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें बहरागोड़ा, घाटशिला, पोटका,जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्वी, जमशेदपुर पश्चिमी, सरायकेला, चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, खरसावां, तमाड़, तोरपा, खूंटी, मांडर, सिसई, सिमडेगा और कोलेबिरा विधानसभा शामिल है। उक्त सभी सीटों पर मुख्य रूप से भाजपा बनाम यूपीए गठबंधन मुकाबला है। कहीं-कहीं आजसू भी भाजपा और विपक्षी महागठबंधन के प्रत्याशी को टक्कर दे रहा है। कुल मिलाकर दूसरे चरण के चुनाव में सभी दलों के लिए चुनौती है। किसी को किसी से कम नहीं आंका जा सकता है। चुनाव परिणाम क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

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