स्वयंसेवी संस्था “गूंज” ने गरीबों के बीच बांटी खाद्य सामग्री

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पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

रांची । नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय स्तर की ख्यातिप्राप्त स्वयंसेवी संस्था “गूंज” की ओर से झारखंड के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में लाॅकडाउन के दौरान जरूरतमंदों के बीच व्यापक रूप से राहत कार्य चलाया जा रहा है। इस क्रम में मंगलवार को रांची जिला के सिल्ली में संस्था की ओर से चिन्हित 81 गरीबों को खाद्य सामग्री मुहैया कराया गया। इसमें विशेष रूप से दिव्यांगजन, बेसहारा विधवाएं, असहाय वयोवृद्ध पुरुष व महिलाएं शामिल थे। इस संबंध में “गूंज” के झारखंड-ओडिशा राज्य समन्वयक सुरेश कुमार ने बताया कि लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हो रहे हैं। उनके समक्ष भोजन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इसे देखते हुए “गूंज” के संस्थापक निदेशक व देश के नामचीन समाजसेवी अंशु गुप्ता के निर्देशानुसार विभिन्न जगहों पर गरीबों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को एक राशन किट दिया जाता है। इसमें पांच-छह किलो चावल, एक किलो दाल, एक किलो नमक, आधा लीटर सरसों तेल, सोयाबीन, मिक्स मसाला, बिस्कुट, साबुन आदि दैनिक उपयोग की सामग्री होती है। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से विशेष रूप से संकट के समय गरीबों को मदद करने का सिलसिला लाॅकडाउन की अवधि तक जारी रहेगा।

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