पारदर्शी शासन हो प्राथमिकता

संदर्भ : नवगठित मंत्रिपरिषद

0 128

नवल किशोर सिंह
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट का विस्तार कर दिया है। मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा भी हो गया है। हेमंत सोरेन सरकार की कैबिनेट में शामिल मंत्री अपने-अपने विभागों को प्रभावी नेतृत्व देते हुए जनता के कामकाज को गति प्रदान करेंगे, ऐसी अपेक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री भी दबाव मुक्त वातावरण में पारदर्शी तरीके से झारखंड के विकास के लिए समावेशी मार्ग प्रशस्त करेंगे, ऐसी इस राज्य की जनता को अपेक्षाएं हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रियों के चयन में काफी सूझ-बूझ से काम लिया है। मंत्रिपरिषद में संथाल और कोल्हान क्षेत्र को भी समुचित सहभागिता दी गई है। कैबिनेट के प्रतिनिधित्व में हेमंत सोरेन ने संतुलन बनाए रखने की भी भरसक कोशिश की है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

हेमंत सोरेन ने राज्य मंत्रिपरिषद को टीम झारखंड की संज्ञा दी है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि अब टीम झारखंड के सदस्य राज्य में विकास की गति को तेज कर पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। झारखंड की जनता ने बड़ी उम्मीदों के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा की अगुवाई वाले महागठबंधन को सत्ता सौंपी है। इसलिए भी टीम झारखंड की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। चुनाव पूर्व किए गए वायदों और घोषणाओं पर हेमंत सोरेन ने 100 दिन का एजेंडा तैयार किया है। इस पर श्री सोरेन ने अमल करना भी शुरू कर दिया है। राज्य के विकास का खाका तैयार कर उसके क्रियान्वयन के लिए भी प्रयास शुरू हो गए हैं। आशा की जा रही है कि विकास और सुशासन को लेकर जन समस्याओं को दूर करने की दिशा में हेमंत सोरेन सफल होंगे।

नवगठित सरकार से राज्य की जनता को यह भी अपेक्षा है कि प्रशासनिक तंत्र को चुस्त-दुरुस्त कर लालफीताशाही पर भी सरकार नकेल कसे और दबाव मुक्त वातावरण में पारदर्शी तरीके से बेहतर सुशासन देने के लिए काम करें। बहरहाल, हेमंत सोरेन की नवगठित सरकार में शामिल मंत्रियों से काफी अपेक्षाएं हैं। उनके समक्ष असीम चुनौतियां भी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पारदर्शी तरीके से शासन चलाने और विकास का नया आयाम स्थापित करने में भी जुट गए हैं। वह पारदर्शी तरीके से शासन का सूत्रपात कर एक नया इतिहास बनाने की दिशा की ओर भी अग्रसर हैं। ऐसे में आशा की जानी चाहिए कि टीम झारखंड में शामिल मंत्री अपनी प्राथमिकताओं को अंगीकार कर विकास का एक नया आयाम स्थापित करेंगे। जनता के कामकाज को बेहतर ढंग से निपटायेंगे। मंत्रिपरिषद में शामिल मंत्रियों के समक्ष चुनौतियां भी हैं। ऐसे में उनसे अपेक्षा की जानी चाहिए कि उन चुनौतियों का सामना करते हुए राज्य के विकास को गति प्रदान करेंगे और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप खरा उतरेंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: