उप श्रमायुक्त का आदेश नहीं मानता विवेकानंद विद्या मंदिर प्रबंधन

* सेवानिवृत्त शिक्षक को नहीं कर रहा ग्रेच्युटी का भुगतान

0 120

रांची। एचईसी परिसर स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर स्कूल प्रबंधन उप श्रमायुक्त, रांची के आदेश की अनदेखी कर रहा है। स्कूल से सेवानिवृत्त शिक्षक हरिश्चंद्र झा को उप श्रमायुक्त सह नियंत्रण प्राधिकार, (उपादान भुगतान अधिनियम 1972 के अंतर्गत) के आदेश के बावजूद ग्रेच्युटी राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरिश्चंद्र झा विवेकानंद विद्या मंदिर से अवकाश प्राप्त शिक्षक हैं। श्री झा 22 वर्ष से अधिक अवधि की संतोषप्रद सेवा करने के बाद 30 नवंबर 2016 को सेवानिवृत्त हुए। स्कूल प्रबंधन द्वारा ग्रेच्युटी की राशि के भुगतान में आनाकानी किए जाने पर उन्होंने उपादान की राशि भुगतान हेतु उप श्रमायुक्त के यहां 22 फरवरी 2018 को शिकायत वाद दायर किया। तथ्यों के आधार पर उप श्रमायुक्त सह उपादान भुगतान अधिनियम 1972 के अंतर्गत नियंत्रण प्राधिकार, ने 7 सितंबर 2019 को आदेश जारी करते हुए विवेकानंद विद्या मंदिर स्कूल के प्रधानाध्यापक को उपादान भुगतान अधिनियम 1972 के अंतर्गत प्रावधानों के तहत उपादान की राशि 4,13,922 रुपए, 10 प्रतिशत (प्रति वर्ष) ब्याज सहित की दर से भुगतान करने का आदेश दिया। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन को 4 सप्ताह का समय दिया गया। ग्रेच्युटी राशि भुगतान के लिए निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन ने इस पर अमल नहीं किया। तत्पश्चात पुनः 22 अक्टूबर 2019 को उप श्रमायुक्त ने प्रधानाध्यापक, विवेकानंद विद्या मंदिर को आदेश जारी करते हुए 30 अक्टूबर तक श्री झा को ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान कर इससे संबंधित साक्ष्य न्यायालय में जमा करने का निर्देश दिया। उप श्रमायुक्त के उक्त निर्देश को भी स्कूल प्रबंधन ने ठंडे बस्ते में डाल रखा है और सेवानिवृत्त शिक्षक हरीश चंद्र झा को ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: