कोरोना से मुक्ति के लिए आदित्य विक्रम ने किया यज्ञ-हवन

* देशवासियों के स्वास्थ्य व समृद्धि की कामना की

0 134

रांची। झारखंड प्रदेश प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल ने देश व राज्य में फैल रहे कोरोना वायरस पर काबू पाने के उद्देश्य से अपने आवास पर यज्ञ और हवन किया। इस दौरान उन्होंने फिजीकल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए “सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः”सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्” मंत्रोच्चारण कर “सभी सुखी होवें, सभी कोरोना रोगमुक्त रहें, सभी का मंगलमय हो और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।” ईश्वर से उक्त विनती कर हवन कुंड में यज्ञ आहूति देकर राज्यवासियों व शहरवासियों सहित समस्त देशवासियों की
के कल्याण एवं रक्षा की कामना की।
यज्ञ, हवन के पश्चात श्री जायसवाल ने कहा कि हमारे राज्य की खुशहाली के लिए दवा के साथ साथ दुआ की भी जरूरत है। ईश्वर से सदा प्रार्थना रहती है कि सबका जीवन स्वस्थ एवं खुशहाल रहे। आस पास का वातावरण स्वच्छ, शांत और दिव्य शक्ति से परिपूर्ण हो।
उन्होंने कहा कि हमारी ओर से इस वैश्विक विपदा में जनसेवा का कार्य जारी रहेगा। गरीब, जरूरमंद, बेघर व बेसहारों को भोजन, खाद्यान्न आदि मुहैया कराना उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि समाजसेवा के प्रति सदैव तत्पर रहेंगे।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: