श्री श्याम मंदिर में उत्पन्ना एकादशी दिवस मनाया गया

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रांची। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मन्दिर में  22 नवम्बर 2019 को उत्पन्ना एकादशी उत्सव श्रद्धा पूर्वक धूम धाम के साथ आयोजित किया गया । एकादशी माता की उत्पत्ति दिवस होने के कारण उत्पन्ना एकादशी को प्रातः से ही भक्त जनों का श्याम दरबार में शीश नावाने का क्रम प्रारम्भ हो गया । मंगल आरती के पश्चात श्री श्याम प्रभु को नवीन वस्त्र ( बागा ) पहनाये गए तथा स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत करने के पश्चात विभिन्न प्रजातियों के फूलों से श्री श्याम प्रभु का अलौकिक श्रृंगार किया गया । इस अवसर पर बजरंगबली व शिव परिवार का भी विशेष श्रृंगार किया गया ।
रात्रि 10 बजे श्री श्याम प्रभु के जयकारों के बीच अखण्ड ज्योत प्रज्वलित कि गई । श्री श्याम मण्डल के सदस्यों द्वारा सर्व प्रथम गणेश वन्दना के पश्चात मधुर भजनों की वर्षा प्रारम्भ की गई ।
तूँ सहारा है भक्तों का श्याम , की तेरे जैसा कोई नहीं
दयालु जानकर तुझको चला आया तेरे दर पर
सुहानी ग्यारस की है रात करेंगे श्याम धनी से बात
जलती रहे श्याम बाबा ज्योत तेरी जलती रहे
जन्म जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा इत्यादि भजनों की लय पर सम्पूर्ण रात्रि भक्तगण झूमते नाचते रहे ।
इस अवसर पर श्याम प्रभु को विशेष रूप से तैयार केशरिया पेड़ा – गुलाब जामुन – कलाकन्द – रबड़ी व दूध का भोग लगाया गया । प्रातः 4 बजे महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।
आज के इस कार्यक्रम में मण्डल के सुरेश चंद्र पोद्दार , गोपी किशन ढाँढनीयाँ , चंद्र प्रकाश बागला , सुदसर्शन चितलांगिया , राजेश सारस्वत , महेश शर्मा , शिवरतन बियानी , मनोज ढाँढनीयाँ , जितेश अग्रवाल , नितेश केजरीवाल , गौरव शर्मा , बालकिशन परसरामपुरिया सहित मण्डल के सदस्यों का सहयोग प्राप्त हुआ ।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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