होपवेल हॉस्पिटल में क्षतिग्रस्त आंत का सफल ऑपरेशन

जटिल व असाध्य रोगों के इलाज में नया कीर्तिमान

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रांची। राजधानी के कर्बला चौक स्थित अत्याधुनिक सुविधा युक्त होपवेल हॉस्पिटल में जटिल व असाध्य रोगों का शल्य चिकित्सा द्वारा सफलतम इलाज किया जा रहा है। अस्पताल के संचालक व प्रख्यात सर्जन डॉ.
शाहबाज आलम के कुशल मार्गदर्शन में उनकी टीम मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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इस क्रम में राजधानीवासी 16 वर्षीय बालक ओसामा की क्षतिग्रस्त छोटी आंत का गत दिनों सफलतम ऑपरेशन किया गया। इस संबंध में डॉ.आलम ने होपवेल हॉस्पिटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि ओसामा विगत कई माह से पेट के दर्द से परेशान रहा करता था। उसके परिजनों ने कई चिकित्सकों से परामर्श लिया, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उसका मर्ज बढ़ता गया। इस दौरान मरीज को लेकर उनके परिजन होपवेल अस्पताल पहुंचे। डॉ. आलम ने ओसामा को अपने ऑब्जरवेशन में रखा। उसकी सभी आवश्यक जांच की। जांच के पश्चात पता चला कि ओसामा की छोटी आंत में लिकेज है। आंत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और उससे मवाद व मल आदि निकल रहा है।

डॉ.आलम ने अपने सहयोगी चिकित्सकों के साथ ओसामा का इलाज शुरू किया। सभी आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद उसका सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर मरीज को हो रहे कष्ट से निजात दिलाया। इस संबंध में डॉ.आलम ने बताया कि ओसामा को जिस प्रकार की परेशानी थी, अकस्मात पेट में कभी चोट लगने के कारण आंत क्षतिग्रस्त हो गया होगा या अन्य किसी रोग होने की वजह से भी आंत को नुकसान पहुंचा होगा। उन्होंने इस जटिल सर्जरी में अपने सहकर्मी एनेस्थेटिस्ट, ओटी असिस्टेंट के सहयोग के अलावा राज अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों का मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। वहीं, अस्पताल में हजारीबाग के पदमा निवासी मुखिया शांति देवी की पुत्री आशा कुमारी की भी सर्जरी कर उन्हें अपेंडिक्स के रोग से छुटकारा दिलाया गया। डॉ. आलम ने बताया कि आशा कुमारी को पूर्व में अन्य चिकित्सकों ने अपेंडिक्स से पीड़ित बताया। उनके पेट का आकार सामान्य से काफी अधिक बढ़ गया था। जांच करने पर पता चला कि उनकी बच्चेदानी में एक प्रकार का गांठ विकसित हो गया है। जिसकी वजह से उन्हें पेट में असहनीय पीड़ा होती थी और पेट का आकार भी बढ़ता जा रहा था। डॉ.आलम के निर्देशन में आशा का सफलतम ऑपरेशन किया गया और उन्हें जटिल रोग से मुक्ति मिली।

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