जेएनयू हिंसा पर दिल्ली पुलिस द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस

दिल्ली पुलिस का व्यवहार सवाल खड़े करता है,,,,

0 159

 जेएनयू में घुसे नकाबपोश गुंडों को लेकर दिल्ली पुलिस करीब 5 दिन बाद सामने आई और कुछ लोगों के नाम बताए. पुलिस ने बताया कि वो किन-किन मामलों की जांच कर रहे हैं. साथ ही पुलिस ने छात्र संगठनों का नाम लेते हुए बताया कि ये लोग हिंसा में शामिल थे. जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष की पहचान भी की गई है. साथ ही कुछ और छात्र भी हैं. लेकिन दिल्ली पुलिस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ अपनी बात रखी, पत्रकारों के एक भी सवाल नहीं लिया गया. 

अब दूसरा सवाल ये बनता है कि दिल्ली पुलिस ने जिन वीडियो के आधार पर ये कार्रवाई की है और करीब 9 लोगों की पहचान की है वो पुलिस को किसने दिए? पुलिस ने पहले सीसीटीवी कैमरों से केस सॉल्व करने की बात कही थी. लेकिन फिर बताया गया कि सर्वर तो डैमेज था, इसीलिए सीसीटीवी ने तो कुछ देखा ही नहीं. पुलिस ने इसके बाद अपील की थी कि इस हिंसा से जुड़े वीडियो पुलिस को दिए जाएं.

दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद एबीवीपी के राष्ट्रीय आयोजन सचिव आशीष चौहान ने वही वायरल वीडियो शेयर कर लिखा कि दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच एबीवीपी के रुख को कंफर्म करती है, जिससे निकली हुई तस्वीर दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई.

दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के पूर्व छात्र चुनचुन कुमार को भी हिंसा में आरोपी बनाया है. चुनचुन कुमार की जो फोटो दिल्ली पुलिस ने जारी की है, उसी फोटो को एबीवीपी के राष्ट्रीय आयोजन सचिव आशीष चौहान ने 7 जनवरी को शेयर की थी.

लेकिन AISA ने भी जेएनयू हिंसा का आरोप एबीवीपी पर लगाते हुए कुछ तस्वीरें जारी की थीं, लेकिन इनमें से कोई तस्वीर दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं दिखाई.

तो सवाल ये है कि क्या पुलिस ने एक ही तरफ के वीडियो को छानबीन करने लायक समझा?

 

ये बात भी ध्यान देने लायक है कि दिल्ली पुलिस ने अपनी पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन नकाबपोश गुंडों के नामों का खुलासा नहीं किया, जिन्हें जेएनयू के गर्ल्स हॉस्टल में देखा गया था. गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों को लोहे की रॉड दिखाकर धमकाने वाले इन गुंडों की कोई तस्वीर भी जारी नहीं की गई.

हिंदू रक्षा दल के नेता पिंकी चौधरी ने कैमरे पर दुनिया को बताया कि जेएनयू में हिंसा उसके संगठन के लोगों ने की. जब ये वीडियो सामने आया तो पुलिस ने कहा था कि इसकी जांच होगी. लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में कुछ क्यों नहीं कहा गया.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: