धनबाद निर्माण जिले के विकास एवं समस्याओं के लिए संघर्ष को तैयार – राजीव शर्मा

झरिया क्षेत्र के लिए धनबाद निर्माण का गठन

0 159

धनबाद ।  धनबाद जिले में नागरिक समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।  धनबाद के प्रबुद्ध समाजसेवी एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी धनबाद निर्माण के संयोजक राजीव शर्मा ने स्थानीय संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया कि सम्पूर्ण धनबाद जिला समस्याओं के भंवरजाल में उलझा हुआ है इसके बावजूद जिले में विकास की भरपूर सम्भावना है।  कोयलांचल के अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में निम्न जीवन स्तर और वायु  प्रदुषण ने विकराल रूप धारण किया हुआ है, भारत कोकिंग कोल  लिमिटेड की अदूरदर्शी नीति के फलस्वरुप लाखों टन कोयला जल चूका है और जीवन संकट में है. यहाँ के निवासियों को दोयम दर्जे का जीवन जीना पड़ रहा है.  धनबाद निर्माण समाज के सभी वर्गों को संगठित कर समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास करेगा तथा विकास के लिए अनुकूल माहौल एवं सुझावों से स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार को सहयोग भी करेगा.  राजीव शर्मा ने बताया कि धनबाद निर्माण का गठन सम्पूर्ण जिले में किया जाएगा. झरिया क्षेत्र की विकराल समस्या एवं गंभीर हालातों को देखते हुए को देखते हुए सर्वप्रथम इस क्षेत्र में समिति का गठन किया गया है। गोपाल अग्रवाल, उपेन्द्र गुप्ता, पार्षद सुमन अग्रवाल, प्रकाश शर्मा , राजघराने से माधवी सिंह एवं सुल्तान भाई  को सह-संयोजक का प्रभार दिया गया है. इसके अतिरिक्त उप सह-संयोजक पद पर अमित कुमार साहू, शिव चरण शर्मा, श्रीकांत अम्बष्ठ, नवीन केशरी, सत्यप्रकाश चोखानी, मधुसुदन अग्रवाल, रघुवीर गोयल, मनोज बर्मन, पवन खरकिया, रवि केशरी, सचिन बालन, सुनील तुलस्यान, राजेश श्रीवास्तव, अधिवक्ता पार्थो प्रमाणिक, कुणाल कुमार, स्वरुप भट्टाचार्य, स्वरुप मंडल, मो० कासिम, दिलीप भारती, मनीष शर्मा, प्रदीप शर्मा, रामजी सिंह, मो० वकास अहमद, अनूप साव, पवन अग्रवाल, अरिंदम बनर्जी, दिलीप केशरी, झुन्नू गुप्ता, अरविन्द साव, के०पी० तिवारी, जीतेन्द्र सिंह, अरुण जयसवाल, जयंत अग्रवाल, दिलीप आडवानी, अधिवक्ता अशोक बरनवाल, उमाचरण रजवार, राजेश बर्णवाल, मो० कासिम का दायित्व दिया गया है.

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: