पूर्व मंत्री बंदी उरांव का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति : सुबोधकांत सहाय

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रांची। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और छोटानागपुर-संथालपरगना क्षेत्र के कांग्रेस के कद्दावर नेता बंदी उरांव के निधन पर शोक जताया है। श्री सहाय ने कहा कि स्व. उरांव एक कद्दावर जनजातीय नेता थे। उन्होंने पेसा कानून को लेकर लंबे समय तक संघर्ष किया। पंचायत राज विस्तार अधिनियम लागू कराने में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है। उन्होंने सर्वधर्म-समभाव के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर राजनीति के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाई थी। उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
श्री सहाय ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही शोक-संतप्त परिजनों को दुख की इस बेला में संबल प्रदान करने की कामना की।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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