सेवानिवृत्त कर्नल उपाध्याय रथि राज को पितृशोक

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*धुर्वा के सीठिओ रोड स्थित घाट पर हुई डाॅ.निशिकांत की अंत्येष्टि
*परिजनों व शुभचिंतकों ने दी श्रद्धांजलि

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

* पंचतत्व में विलीन हुए डॉ.निशिकांत

रांची। एचईसी परिसर स्थित ब्रह्मचारी आश्रम (धुर्वा) निवासी भारतीय सेना के सेवानिवृत्त कर्नल उपाध्याय रथि राज के पिता व धुर्वा क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी डॉ. निशिकांत उपाध्याय का निधन शुक्रवार को उनके आवास पर हो गया। वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। ब्रह्मचारी आश्रम, धुर्वा स्थित अपने पैतृक आवास पर उन्होंने शुक्रवार को देर शाम अंतिम सांसें ली। वह अपने पीछे दो पुत्र (ज्येष्ठ पुत्र कर्नल उपाध्याय रथि राज व कनिष्ठ पुत्र उपाध्याय ऋषिराज) व एक पुत्री (रुचिरा उपाध्याय) समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
लोकप्रिय समाजसेवी डॉ. निशिकांत उपाध्याय की अंत्येष्टि शनिवार को धुर्वा स्थित सीठिओ घाट पर की गई। उनके ज्येष्ठ पुत्र रिटायर्ड कर्नल उपाध्याय रथिराज ने उन्हें मुखाग्नि दी।
मौके पर डॉ.नीतीश प्रियदर्शी, अजय बाली, मनोज शर्मा, विजय कुजूर, नंदू उपाध्याय, रत्नेश चतुर्वेदी, श्याम बाबू, राज नारायण सिंह, सतीश राय, अन्नु, रोमी सहित अन्य परिजनों व शुभचिंतकों ने अंत्येष्टि में शामिल होकर श्रद्धासुमन अर्पित किया। साथ ही ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना की।

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