इंडियन नेवी के वरिष्ठ अधिकारियों ने गरीबों के लिए लंगर में किया सहयोग

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रांची/ हटिया। लाॅकडाउन के 52वें दिन गुरुवार को तुपुदाना के आरके मिशन रोड स्थित हैप्पी चिल्ड्रेन स्कूल परिसर में गरीबों के लिए चलाए जा रहे लंगर में भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहयोग किया। इन अधिकारियों के सौजन्य से लगभग दो सौ गरीबों को भोजन कराया गया।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

इस संबंध में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी व समाजसेवी दिलबाग सिंह ने बताया कि सेवाकाल में उनके सीनियर रहे नौसेना के कई अधिकारियों ने पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति उनके जज्बे और जुनून को देखकर उनका उत्साहवर्धन करते हुए सहयोग किया। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही गरीबों के लिए प्रतिदिन लंगर चलाया जा रहा है। इसमें समय-समय पर विभिन्न समाजसेवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए चलाए जा रहे लंगर में ऑल इंडिया वीमेन्स कॉन्फ्रेंस, प्रयास डेवलपर्स, हेमू फाउंडेशन सहित कई समाजसेवी संगठनों व समाजसेवियों का सहयोग मिल रहा है। मानव सेवा के प्रति पूर्व नौसैनिक दिलबाग सिंह के इस जज्बे की उनके सहकर्मी रहे भारतीय सेना के अधिकारी सराहना कर रहे हैं।

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