इंडोनेशिया में सक्रिय हुआ ज्वालामुखी, 2000 मीटर दूर तक फैला गुबार, हर तरफ राख ही राख

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जकार्ता: इंडोनेशिया में एक ज्वालामुखी के अचानक सक्रिय होने से आसमान में 2000 मीटर तक धुएं और राख का गुबार छा गया। ज्वालामुखी का मलबा आसपास के गांवों में बिखर गया। सुमात्रा द्वीप पर माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी 2010 से ही सक्रिय है।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

सन 2016 में इसमें जोरदार विस्फोट हुआ था। हालिया दिनों में इसके फिर से धधकने पर राख फैल गई थी। आपदा एजेंसी के अधिकारियों ने बताया ज्वालामुखी विस्फोट होने से विमानों की उड़ानों पर असर पड़ सकता है। इस इलाके से परहेज करने के लिए औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया है। ज्वालामुखी के निकट बहने वाली नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को लावा निकलने के प्रति सचेत रहने की सलाह दी गई है।

ज्वालामुखी विस्फोट की हालिया घटना से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है और आपदा एजेंसी ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए आदेश नहीं दिया है। सिनाबुंग 400 साल में पहली बार 2010 में सक्रिय हुआ था। कुछ समय तक शांत रहने के बाद 2013 में यह सक्रिय हो गया और उसके बाद से यह धधकता रहा। सन 2016 में ज्वालामुखी विस्फोट से सात लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2014 में इसी तरह की घटना में 16 लोग मारे गए थे।

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