जीवन मुृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा सनकी तानाशाह किम जोंग

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दिल्ली। उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग उन जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, एक ऑपरेशन के बाद किम की तबीयत बिगड़ गई है। बताया जा रहा है कि किम 15 अप्रैल को अपने दादा किम II सुंग के एक कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए थे। इसी के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर कयास लगने शुरू हो गए।

पुस्तकः विश्व की प्राचीनतम सभ्यता लेखकः पं. अनूप कुमार वाजपेयी,कई पुरस्कारों से पुरस्कृत समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, मूल्य-2000 रुपये लेखक ने राजमहल पहाड़ियों और चट्टानों पर संसार के प्राचीनतम आदिमानव के पदचिन्ह ढूंढ निकाले। पता-वाजपेयी निलयम, नया पारा, दुमका झारखंड

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किम जोंग उन के परमाणु कार्यक्रम ने अमेरिका को चिंता में डाल दिया था। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन के प्रयासों से किम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच जून 2018 में सिंगापुर में पहली बार चर्चा हुई थी। इसके बाद दोनों नेता फरवरी 2019 में वियतनाम और जून में उत्तर-दक्षिण कोरिया सीमा पर स्थित डिमिलिट्राइज्ड जोन में भी मिले थे। अमेरिका से बातचीत के बाद ही किम ने परमाणु कार्यक्रम बंद करने का फैसला लिया था। हालांकि, अमेरिका की तरफ से व्यापारिक प्रतिबंधों में रियायत न मिलने के चलते नाराजगी भी जताई थी।

उत्तर कोरिया के मामलों पर नजर रखने वाले दक्षिण कोरिया के अखबार डेली एनके के मुताबिक, 12 अप्रैल को किम की कार्डियोवेस्कुलर सर्जरी हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, किम काफी सिगरेट पीते हैं। उन्हें मोटापे की समस्या है और वे ज्यादा काम करते हैं। उनका हायंगसन काउंटी स्थित विला में इलाज हुआ।
डेली एनके के मुताबिक, इसके बाद उनकी स्थिति में सुधार की खबरें आईं। उनके इलाज में लगी मेडिकल टीम के ज्यादातर सदस्य 19 अप्रैल को राजधानी प्योंगयांग लौट आए। कुछ सदस्य उनकी देखभाल करने के लिए वहीं रुके रहे।
पूरे वाकये पर अमेरिका और उत्तर कोरिया ने कुछ नहीं कहा
अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक की तरफ से किम के संबंध में कोई बयान देने से इनकार किया गया है। वहीं, अपने नेता यानी किम जोंग उन के बारे में कोई खबर देने को लेकर उत्तर कोरिया काफी सख्त है। उत्तर कोरिया में प्रेस की आजादी नहीं है। मीडिया पर पूरी तरह से किम का नियंत्रण है, लिहाजा उनसे संबंधित कोई भी खबरें आसानी से बाहर नहीं आ पातीं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के उत्तर कोरिया मामलों के पूर्व डिप्टी चीफ ब्रूस क्लाइंगनर का कहना है, ‘‘इस वक्त किम की हेल्थ को लेकर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। लोग धूम्रपान, दिल और दिमाग से जुड़ी बीमारी का बात कर रहे हैं। अगर किम अस्पताल में भर्ती हुए, तो उन्हें यह बताना होगा कि वे 15 अप्रैल को अपने दादा किम II सुंग के कार्यक्रम में शामिल क्यों नहीं हुए। ये भी सच है कि बीते सालों में किम के स्वास्थ्य को लेकर काफी खबरें आई थीं। लिहाजा हमें इंतजार करना चाहिए।’’
2008 में उत्तर कोरिया की 60वीं सालगिरह के दौरान उन के पिता किम जोंग इल के खराब स्वास्थ्य की खबरें आई थीं। बाद में खुलासा हुआ कि उन्हें स्ट्रोक आया था। इसके बाद इल की तबीयत में लगातार गिरावट देखी गई और 2011 में इल की मौत हो गई। 2014 में भी किम जोंग उन करीब एक महीने तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे थे। इसको लेकर दक्षिण कोरियाई इंटेलिजेंस ने बताया था कि उनकी एड़ी का ऑपरेशन हुआ था।

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